
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार देशभर में धान की रोपाई लगभग ९५.५ प्रतिशत पूरी हो चुकी है। सुदूरपश्चिम प्रदेश में धान की रोपाई १०० प्रतिशत पूरी हुई है जबकि मधेस प्रदेश में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। विभाग ने बताया कि मल की कमी के बावजूद १३ लाख ८ हजार ३८३ हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपाई पूरी की गई है। २४ सावन, काठमांडू। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी किसानों को रासायनिक मल की कमी और विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ा। सरकार समय पर मल उपलब्ध न करा पाने के कारण रोपाई के प्रमुख समय में किसान निराश हुए थे। लेकिन आवश्यक मल न मिलने के बावजूद देशभर में धान की रोपाई लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कृषि विभाग के अनुसार २२ सावन तक देशभर में लगभग ९६ प्रतिशत रोपाई पूरी हो चुकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक धान की रोपाई केवल ९१.३१ प्रतिशत थी। इस वर्ष धान की खेती के लिए उपलब्ध क्षेत्रफल में से ९५.५ प्रतिशत पर रोपाई पूरी की जा चुकी है। कुल १३ लाख ७० हजार ६२ हेक्टेयर धान योग्य जमीन में से अब तक १३ लाख ८ हजार ३८३ हेक्टेयर पर रोपाई हुई है। प्रदेशवार, सुदूरपश्चिम में १ लाख ५४ हजार १५० हेक्टेयर, अर्थात १०० प्रतिशत क्षेत्र में रोपाई पूरी हो चुकी है। वहीं, बागमती प्रदेश में ९७.८२ प्रतिशत, कर्णाली प्रदेश में ९६.८२ प्रतिशत, गण्डकी प्रदेश में ९५.५७ प्रतिशत और लुम्बिनी प्रदेश में ९४.८३ प्रतिशत रोपाई पूर्ण हुई है। कोशी प्रदेश में ९३.६९ प्रतिशत क्षेत्र में रोपाई हुई है जो अन्य प्रदेशों की तुलना में थोड़ा कम है। मुख्य अन्न भण्डार माने जाने वाले मधेस प्रदेश में इस वर्ष रोपाई में स्पष्ट और सकारात्मक सुधार देखा गया है। सिंचाई की कमी और मानसून की देरी के कारण पिछले वर्ष साउन २५ तक मधेस में केवल ७६.५४ प्रतिशत क्षेत्र में रोपाई हो पाई थी। किन्तु इस वर्ष इस प्रदेश में ९४.६५ प्रतिशत क्षेत्र, अर्थात् ३ लाख ६४ हजार २९१ हेक्टेयर में रोपाई पूरी हो चुकी है।





