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विभिन्न ब्रांडों के वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच सेवा और स्पेयर पार्ट्स की स्थिति कैसी है?

समाचार सारांश

  • काठमाडौं के भृकुटीमण्डप में चल रहे ‘नाइमा नेपाल मोबिलिटी एक्स्पो–२०२६’ में 55 से अधिक विद्युतीय वाहन ब्रांड और 40 से अधिक नए मॉडल सार्वजनिक किए गए हैं।
  • नई विद्युतीय गाड़ियों के बढ़ते आगमन के साथ ही उपभोक्ताओं को खरीद के पहले सेवा केंद्र, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और दीर्घकालीन मरम्मत सेवाओं की स्पष्ट जानकारी लेनी आवश्यक है।
  • एक्स्पो संयोजक गौरव शारड़ा ने ग्राहकों को वाहन खरीदते समय आधिकारिक विक्रेता के सेवा नेटवर्क, पार्ट्स की उपलब्धता और कंपनी की जिम्मेदारी से संबंधित पांच महत्वपूर्ण सवाल पूछने की सलाह दी है।

28 साउन, काठमाडौं। नेपाल में विद्युतीय वाहनों के बाजार के विस्तार के साथ ही नए-नए ब्रांड की गाड़ियाँ आ रही हैं। आकर्षक डिज़ाइन, नई तकनीक, लंबा रेंज और प्रतिस्पर्धी कीमतों के साथ चीनी सहित विभिन्न देशों के ब्रांड नेपाली बाजार में प्रवेश कर रहे हैं। यह स्थिति काठमाडौं के भृकुटीमण्डप में साउन 26 से चल रहे ‘नाइमा नेपाल मोबिलिटी एक्स्पो–२०२६’ में भी नजर आती है।

एक्स्पो में 55 से अधिक ब्रांड भाग ले रहे हैं। 40 से अधिक नए मॉडल सार्वजनिक किए गए हैं। चारपहिया, दोपहिया और कमर्शियल वाहनों के क्षेत्र में नए ब्रांडों का आगमन तेज़ी से हो रहा है।

हालाँकि, ब्रांड और मॉडल बढ़ने के साथ उपभोक्ताओं को अन्य महत्वपूर्ण सवाल पूछने की आवश्यकता आ गई है। वाहन खरीदने के बाद सेवा कहां मिलेगी? स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध होंगे या नहीं? बैटरी या मोटर में समस्या आई तो मरम्मत कौन करेगा? अगर कंपनी नेपाल से बाहर चली गई तो ग्राहक का क्या होगा?

खरीदारी के समय ग्राहक अक्सर कीमत, रेंज, डिज़ाइन, फीचर्स और वित्त सुविधा पर अधिक ध्यान देते हैं। लेकिन वाहन की वास्तविक स्वामित्व लागत और दीर्घकालिक विश्वसनीयता के लिए बिक्री बाद की सेवा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

अभी ग्राहक गुणवत्ता, सेवा और स्पेयर पार्ट्स की तुलना में नए मॉडलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजार में आने वाले नए मॉडल विशेष ऑफर के कारण ग्राहक को आकर्षित करते हैं। लेकिन वे सेवा केंद्र की सुविधा, स्पेयर पार्ट्स और अन्य पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं।

नए ब्रांड के साथ नए जोखिम

नेपाल की ऑटो मार्केट में हाल के वर्षों में चीनी विद्युतीय वाहनों के ब्रांडों की बढ़ती उपस्थिति देखी गई है। नाइमा एक्स्पो–२०२६ में BYD, Omoda/Jecko, Denza, Farthing, Henry Volts, iCar, KE, Lipmotor, Maxus, RFox, Henry Boma, Wuling, Jiker समेत कई ब्रांड सहभागी हैं।

इनमें से कुछ ब्रांड नेपाल के लिए नए हैं जबकि कुछ अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं। नए ब्रांडों की सबसे बड़ी चुनौती बिक्री के बाद सेवा और पार्ट्स की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। क्योंकि वाहन बेचने के लिए शोरूम खोलना और पूरे देश में सेवा देने के लिए नेटवर्क बनाना अलग बात है।

काठमाडौं में आकर्षक शोरूम और कुछ सेवा केंद्र होने से पूरी तरह देश के ग्राहकों को दीर्घकालिक सेवा नहीं मिल सकती। विशेषकर काठमाडौं के बाहर नियमित सेवा, दुर्घटना मरम्मत, बैटरी परीक्षण, मोटर और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स की मरम्मत और जेनुइन स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता की स्थिति महत्वपूर्ण प्रश्न हैं।

काठमाडौं के बाहर सेवा केंद्रों की संख्या कितनी है?

स्थापित ब्रांड बिक्री के साथ ही अपना सेवा नेटवर्क बढ़ा रहे हैं। स्थापित ब्रांड ग्राहक संख्या के साथ सेवा केंद्र भी बढ़ा रहे हैं। लेकिन नए ब्रांडों की स्थिति समान नहीं है। कुछ ने केवल काठमाडौं तक सीमित नेटवर्क से शुरुआत की है तो कुछ प्रमुख शहरों तक विस्तार कर रहे हैं।

इसलिए ग्राहक को एक्सपो में वाहन देख कर पूछना चाहिए, ‘आपके सेवा केंद्र कहां-कहां हैं?’ काठमाडौं में कितने? पोखरा, चितवन, बुटवल, नेपालगंज, विराटनगर, इटहरी, वीरगंज जैसे प्रमुख शहरों में सेवा केंद्र हैं या नहीं?

वैश्विक EV बाजार में प्रभावशाली BYD के देशभर 14 सेवा केंद्र हैं। इसी तरह Tata Motors के देशभर 37 चार्जिंग स्टेशन और लगभग दो दर्जन सेवा केंद्र हैं।

इसी तरह GWM, Mahindra, Royal Enfield, Proton, Omoda, Nissan, Hyundai, Suzuki, Denza, TVS, KTM, Athar आदि ब्रांड भी देशभर सेवा केंद्र बढ़ा रहे हैं।

नए ब्रांडों की स्थिति में वे सीमित संख्या में सेवा केंद्र काठमाडौं उपत्यका एवं विभिन्न स्थानों में हैं।

स्पेयर पार्ट्स का स्टॉक कितना है?

सेवा केंद्र होना पर्याप्त नहीं, आवश्यक स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है। सामान्य सेवा के पार्ट्स स्थानीय रूप से मिले भी तो मोटर, कंट्रोलर, इन्वर्टर, बैटरी मॉड्यूल, चार्जिंग सिस्टम, एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट खराब होने पर पार्ट्स विदेश से आयात करना पड़ सकता है। इससे मरम्मत में समय अधिक लगता है और खर्च भी बढ़ता है।

नए ब्रांड नेपाल में आने से पहले स्पेयर पार्ट्स और सेवा केंद्रों की सुनिश्चितता आवश्यक है। नाइमा नेपाल मोबिलिटी एक्स्पो–२०२६ के संयोजक एवं शारडा ग्रुप के निदेशक गौरव शारड़ा के अनुसार बिक्री बाद की सेवा हर ब्रांड की आधारभूत जिम्मेदारी है।

‘प्रत्येक ब्रांड को अपनी सेवा व्यवस्था करनी चाहिए। सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर हम सरकार से संवाद कर रहे हैं,’ उन्होंने बताया।

उनके अनुसार एक्सपो स्थल भृकुटीमण्डप में नेपाल पुलिस क्लब के साथ सहयोग से लर्निंग सेशंस भी चल रहे हैं। लेकिन सेवा के मामले में ब्रांड खुद जिम्मेदार होना चाहिए।

‘सेवा में सरल बात है, अगर मैं ग्राहकों को अच्छी सेवा दूंगा तो कल कौन मेरी गाड़ी खरीदेगा? ग्राहक मूर्ख नहीं हैं,’ शारड़ा ने कहा।

उनका मानना है कि ग्राहक 30 लाख रुपये से अधिक निवेश करके वाहन खरीदते हैं इसलिए कंपनी का इतिहास और सेवा नेटवर्क देखकर निर्णय लेते हैं।

‘ग्राहकों से कहना चाहता हूं कि वाहन चुनने से पहले निर्माता कंपनी, आधिकारिक विक्रेता, सेवा इतिहास और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता जरूर जांचें,’ उन्होंने कहा।

नए ब्रांडों की गाड़ियाँ खरीदने वाले ग्राहकों के लिए एक्सपो स्वयं एक अवसर है। एक स्थान पर कई ब्रांडों के प्रतिनिधि मिलते हैं, जहां ग्राहक न केवल कीमत और फीचर्स बल्कि बिक्री बाद की सेवा के संबंध में सवाल पूछ सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहक कम से कम ये पांच सवालों का जवाब जरूर लें:

  • देशभर आधिकारिक सेवा केंद्र कितने हैं?
  • काठमाडौं के बाहर कौन-कौन से शहरों में सेवा सुविधा उपलब्ध है?
  • आवश्यक जेनुइन स्पेयर पार्ट्स का स्टॉक कितना है और आयात में कितना समय लगता है?
  • बैटरी, मोटर, कंट्रोलर या इन्वर्टर खराब होने पर मरम्मत सुविधा नेपाल में है या पूरी पार्ट्स बदलनी पड़ती है?
  • आयातकर्ता या निर्माता कंपनी अगर नेपाल में कारोबार बंद कर दे तो ग्राहक को सेवा और पार्ट्स कौन उपलब्ध कराएगा?

नया वाहन खरीदते समय ‘कंपनी कितनी बड़ी है?’ के अलावा नेपाल में आधिकारिक विक्रेता कौन है, उसकी आर्थिक क्षमता कैसी है, कितने वर्षों से बाजार में है, सेवा नेटवर्क में कितना निवेश किया है और कंपनी ने पार्ट्स आपूर्ति कितने वर्षों तक करने की प्रतिबद्धता दी है? यह भी पूछना आवश्यक है।

इन सवालों के स्पष्ट जवाब न लेकर केवल एक्सपो में दिख रहे आकर्षक डिज़ाइन, रेंज, फीचर या कीमत के आधार पर वाहन खरीदने पर भविष्य में ग्राहक को अतिरिक्त जोखिम उठाना पड़ सकता है।