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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पेजेस्कियन के नई दिल्ली दौरे की तैयारी

ईरानी राष्ट्रपत‍ि मसूद पेजेस्कियन आगामी सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत आने की तैयारी कर रहे हैं। वर्ष 2024 में ब्रिक्स के पूर्ण सदस्य बने ईरान की इस यात्रा के माध्यम से भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा विषयों पर चर्चा करने की अपेक्षा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पश्चिम एशिया में तनाव समाधान के लिए भारत की सक्रिय भूमिका की संभावना पर जोर देते हुए वार्ता का महत्व बताया है। 29 साउन, नई दिल्ली (रासस/एएनआई)।

ईरानी सूत्रों के हवाले से शुक्रवार को यह बताया गया कि पेजेस्कियन का भारत दौरा ईरान-भारत संबंधों और पश्चिम एशिया की वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत द्वारा वर्ष 2026 में अध्यक्षता संभालकर आयोजित किए जाने वाले सम्मेलन में पेजेस्कियन की भागीदारी विशेष महत्व रखेगी। सम्मेलन का विषयवस्तु “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” के रूप में निर्धारित है।

ईरान ने 2024 में ईजिप्ट, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ ब्रिक्स का पूर्ण सदस्यत्व प्राप्त किया था। वर्ष 2025 में इंडोनेशिया के समूह में शामिल होने के बाद ब्रिक्स के पूर्ण सदस्यों की संख्या 11 हो गई है। पेजेस्कियन ने इससे पहले 2024 के अक्टूबर में रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वार्ता की थी।

इसी बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जून में भारत में हुए ब्रिक्स विदेश मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया था। बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि भारत, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अराघची ने सशस्त्र संघर्ष का कोई भविष्य नहीं होने और वर्तमान संकट के सैन्य समाधान की असंभवता को कहकर वार्ता के माध्यम से समाधान खोजने को एक व्यावहारिक मार्ग बताया।