मोदी के संबोधन के बाद वायरल हुई ‘दिमागी नक्सल पार्टी’, एक दिन में डेढ़ लाख से अधिक फॉलोअर्स जुटाए

समाचार सारांश इन्स्टाग्राम पर ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नाम का नया अकाउंट कुछ ही दिनों में 1 लाख 70 हजार से अधिक फॉलोअर्स जमा कर बंद हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का उपयोग करने के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक चर्चा और इस तरह के अकाउंट्स का जमकर प्रचार हुआ। पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कहने पर गर्व जताया है, जबकि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजु ने इस शब्द के अर्थ पर स्पष्टता दी है। 1 भाद्र, काठमाडौं।
इंस्टाग्राम पर ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नामक एक नया अकाउंट अचानक चर्चित हो गया। कुछ दिनों में इस अकाउंट ने 1 लाख 70 हजार से अधिक फॉलोअर्स इकट्ठा कर लिए थे। वर्तमान में यह पेज इंस्टाग्राम पर उपलब्ध नहीं है। बंद होने से पहले इसने खुद पर भारी साइबर हमलों का आरोप लगाया था। इस अकाउंट का हैंडल @dimaginaxalparty था और इसे ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ का आधिकारिक पेज घोषित किया गया था। इस अकाउंट का नारा था ‘सोचो, रिसर्च करो, प्रतिरोध करो’।
इसकी बायो में संस्थापक को ‘एक दिमागी इंडियन’ और सह-संस्थापक को ‘56 इंच का’ बताया गया था। यह उपयोगकर्ताओं को एक्स अकाउंट @DNJP_India की ओर भी निर्देशित करता था। सोमवार तक इस पेज पर 65 पोस्ट थीं और 35 अकाउंट्स को फॉलो किया गया था। यह अकाउंट अगस्त महीने में बनाया गया था। इसे कौन चला रहा था, यह स्पष्ट नहीं है। इस अकाउंट ने कई प्रमुख हस्तियों को फॉलो किया था, जिनमें कॉमेडियन कुणाल कामरा, यूट्यूबर ध्रुव राठी, अभिनेता प्रकाश राज, फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप, अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, कॉमेडियन श्याम रंगीला, कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और पत्रकार रवि कुमार शामिल हैं।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके तुरंत बाद यह अकाउंट सामने आया। मोदी ने लाल किले से संबोधित करते हुए कहा था कि हथियारबंद नक्सलवाद जंगलों से हट गया है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ अब भी मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि माओवादी विचारधारा वाले लोग सरकारी संस्थानों में बैठकर नीतियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे लोगों को अलग करने का आह्वान किया। इस बयान के बाद भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई। पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने एक्स पर लिखा, ‘मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है’। उन्होंने इस शब्द को ‘अर्बन नक्सल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे नए नाम भी दिए। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजु ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि माओवादी प्रवृत्ति रखने वालों, संविधान नहीं मानने वालों और देश को तोड़ने की कोशिश करने वालों के लिए यह शब्द इस्तेमाल किया गया है।
पहले ‘कक्रोच जनता पार्टी’ नाम का एक अकाउंट भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उसके बाद यह नया अकाउंट सामने आया है। कक्रोच जनता पार्टी ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान भी शुरू किया था।





