इरान को सहायता करने वाले देशों को भुगतना होगा कड़ा परिणाम, ट्रम्प ने दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान को आर्थिक सहायता देने वाले देशों, कंपनियों या संस्थाओं को कड़ा परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने ट्रुथ सोशल के माध्यम से इरान से संबंधित तेल तस्करी, वित्तीय लेनदेन और नकद स्थानांतरण जैसी गतिविधियों पर अमेरिकी निगरानी कड़ी करने की बात कही। ट्रम्प ने कहा कि इरान को कई अवसर दी जा चुकी हैं, अब अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अलगाव और अतिरिक्त दबाव बढ़ाया जाएगा। ४ भदौ, काठमांडू।
ट्रम्प ने इरान पर अब तक के सबसे बड़े आर्थिक दबाव अभियान शुरू करने का संकेत देते हुए कहा है कि इसमें सहयोग करने वाले किसी भी देश, कंपनी या संस्था को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इरान को किसी भी प्रकार का सहयोग देने वाले देशों को अमेरिकी कार्रवाई की चेतावनी दी। उनके अनुसार किसी भी देश के वित्तीय संस्थान, कंपनी, हवाई अड्डे या सरकारी कार्यालय अगर इरान को सहायता देते हैं तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
हालांकि, ट्रम्प ने अपनी चेतावनी में किसी देश का नाम नहीं लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि इरान को सहायता करने वाले देशों, कंपनियों या वित्तीय संस्थाओं के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी निगरानी उन विभिन्न आर्थिक गतिविधियों पर केंद्रित होगी जिनसे इरान को सहायता मिलती है। इनमें तेल की तस्करी, वित्तीय कारोबार, नकद स्थानांतरण, एक्सचेंज हाउस, जलयान पंजीकरण और अन्य कंपनियों के नाम पर होने वाले कारोबार शामिल हैं।
ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि इरान को समझौता करने के कई अवसर दिए गए हैं, लेकिन इरान ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। इसलिए अमेरिका ने आर्थिक दबाव बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस अभियान को ‘अभूतपूर्व आर्थिक संघर्ष’ और इरान के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अलगाव का प्रयास बताया। ट्रम्प के अनुसार, इरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही कड़ी दबाव में है और अतिरिक्त प्रतिबंध और दबाव इसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार को और भी अधिक कठिन बनाएंगे।





