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अमेरिका ने क्यूबा की 9 सरकारी कंपनियों और वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए

5 भदौ, काठमांडू । अमेरिका ने कम्युनिस्ट देश क्यूबा के खिलाफ और आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने क्यूबा के सरकारी अधिकारीयों और कंपनियों को लक्षित करते हुए नए प्रतिबंधों की श्रृंखला सार्वजनिक की है। इस नए प्रतिबंध के अंतर्गत क्यूबा सरकार के स्वामित्व वाली नौ खनन, धातु और निर्माण से संबंधित कंपनियाँ, क्यूबा का निर्माण मंत्रालय और क्यूबा स्थित एक अंतरराष्ट्रीय संस्था के अधिकारी शामिल हैं। रुबियो ने एक विज्ञप्ति में इन व्यक्तियों पर पूर्व क्यूबाई नेता फिदेल कास्त्रो की 100वीं जन्मजयन्ती के अवसर पर ‘अंतरराष्ट्रीय समर्थकों के नए समूह’ को हवाना लाकर क्यूबा सरकार के अधिकारियों के साथ संपर्क बढ़ाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ये व्यक्ति क्यूबाई शासन के ‘मार्क्सवाद, जातीय असंतोष और कम्युनिस्ट हिंसा को विश्वव्यापी रूप से फैलाने के अभियान’ का हिस्सा हैं। रुबियो ने कहा, ‘आज घोषित प्रतिबंध ट्रम्प प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को और कठोर बनाएंगे और इस कदम से यह स्पष्ट संकेत मिलेगा कि क्यूबाई शासन द्वारा चलाए जा रहे उत्पीड़न और दशकों से चल रहे अमेरिका-विरोधी गतिविधियों को आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी।’

क्यूबाई संस्थाओं पर भी प्रतिबंध अमेरिका ने क्यूबा के इन्स्टिट्यूट ऑफ फ्रेंडशिप विथ द पीपल्स (आईक्याप) के नेतृत्व पर भी प्रतिबंध लगाया है। 1960 में फिदेल कास्त्रो द्वारा स्थापित आईक्याप ने विश्वभर में क्यूबा समर्थक संगठनों के साथ संबंध स्थापित किए हैं। इस संस्था ने विभिन्न देशों के क्यूबा समर्थक कार्यकर्ताओं को भ्रमण के लिए आमंत्रित किया और क्यूबा सरकार से जुड़े अभियानों में सहयोग किया है, जिसका अमेरिका ने आरोप लगाया है। रुबियो ने आईक्याप पर अमेरिकी नागरिकों को ‘झूठ, जासूसी तकनीक और गैरकानूनी गतिविधियों के माध्यम से भ्रमित और भ्रष्ट करने’ का आरोप लगाया है। प्रतिबंधित प्रमुख व्यक्तियों में आईक्याप के अध्यक्ष फर्नांदो गोंजालेज जोर्त भी शामिल हैं। वह ‘क्यूबाई फाइव’ नामक जासूसी समूह के सदस्य थे और बराक ओबामा प्रशासन के दौरान अमेरिका-क्यूबा संबंध सुधार के लिए हुए कैदी अदला-बदली में रिहा किए गए थे।

क्यूबाई जनता को मूलभूत सेवाएं प्रदान करने में समस्या क्यूबा ने अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी प्रतिबंधों का विरोध जारी रखा है। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने रुबियो की हाल की घोषणा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अपने सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि रुबियो क्यूबा की कंपनियों पर कार्रवाई करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे क्यूबा की अर्थव्यवस्था को और नुकसान होगा। रोड्रिगेज ने दावा किया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण क्यूबा सरकार को अपनी जनता को जीवन की मूलभूत सेवाएं प्रदान करने में भी कठिनाई हो रही है। उनके अनुसार, अमेरिकी प्रतिबंधों की नाकाबंदी क्यूबा की स्थिति को पहले से ही नाजुक बना चुकी है। क्यूबा के ऊर्जा, वित्त और रक्षा क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारी और संस्थाओं पर पहले से ही प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। साथ ही, क्यूबा की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्रोत पर्यटन क्षेत्र भी कमजोर होता जा रहा है।

ईंधन आपूर्ति में अवरोद्ध से ऊर्जा संकट बढ़ा अमेरिका ने इस वर्ष की शुरुआत से प्रभावी तेल नाकाबंदी शुरू की है। अत्यधिक ईंधन आयात पर निर्भरता और पुरानी विद्युत् अवसंरचना के कारण क्यूबा में ऊर्जा संकट गहरा गया है। ईंधन की कमी से अस्पतालों को भी आपातकालीन जनरेटर का उपयोग करना पड़ा है। लंबे समय तक लगातार बिजली कटौती के कारण क्यूबा में कुछ स्थानों पर दुर्लभ विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। सरकार विरोध प्रदर्शन को कडाई से नियंत्रित करती है और विरोध में शामिल लोगों को लंबी जेल की सजा होती है।