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काठमाडौँको उत्तरी क्षेत्र कपनमा ग्राहक-केंद्रित ‘टाटा सेवा केन्द्र’ की स्थापना

सिप्रदी ट्रेडिङले कपनस्थित टाटा सेवा केन्द्रमार्फत पेट्रोल, डिजेल तथा विद्युतीय वाहन (ईभी) के लिए बुकिंग, एएमसी, रोडसाइड सहायता और पिक-अप तथा ड्रॉप सेवा प्रदान कर रहा है। टेक्निकल मैनेजर दिग्विजय आचार्य के अनुसार, इस सेवा केन्द्र में लगभग ९८ प्रतिशत ग्राहक संतुष्ट हैं तथा रोजाना ३० से ३५ यूनिट वाहनों की मरम्मत सेवा प्रदान की जा रही है। सिप्रदी ने देशभर लगभग ४० फास्ट चार्जिंग स्टेशन संचालित किए हैं और ईभी की मरम्मत लागत पेट्रोल तथा डिजेल वाहनों की तुलना में आधे से भी कम है। ७ भाद्र, काठमाडौँ। नेपाल में टाटा वाहनों के आधिकारिक वितरक सिप्रदी ट्रेडिङ ने काठमाडौँ के उत्तरी भाग कपन में स्थापित ‘टाटा सेवा केन्द्र’ इस क्षेत्र में ग्राहकों का प्रमुख आकर्षण केंद्र बन गया है। हर दिन टाटा डिजेल और पेट्रोल इंजन वाहनों के साथ-साथ विद्युतीय वाहनों की सेवा के लिए आने वाले ग्राहकों की भीड़ से यह सेवा केन्द्र अत्यंत व्यस्त रहता है। यहां के कस्टमर लाउंज में आराम से बैठकर अपनी गाड़ियां मरम्मत करवाने वाले ग्राहक भी अत्यंत संतुष्ट दिखाई देते हैं। अपने ही क्षेत्र के निकट से सेवा मिलने का अनुभव पाकर वे प्रसन्न महसूस करते हैं।

सिप्रदी ट्रेडिङ के टेक्निकल मैनेजर ईभी दिग्विजय आचार्य ने कहा, ‘यह सेवा केन्द्र चलाए जाने को तीन वर्ष हो चुके हैं। काठमाडौँ के उत्तरी क्षेत्र में अपने ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता की सेवा प्रदान करने पर हमें खुशी है।’ उन्होंने बताया कि यहां सेवा हेतु बुकिंग सहित मदद लेने के लिए टोल-फ़्री नंबर उपलब्ध है। इसके साथ ही बीएस-४ एवं बीएस-६ पेट्रोल/डिजेल वाहनों के लिए एएमसी सुविधा भी मौजूद है।

‘कभी-कभी वाहन में समस्या आ सकती है, इसलिए चौबीसों घंटे रोडसाइड सहायता भी उपलब्ध है,’ उन्होंने बताया, ‘यह अप्रत्याशित परिस्थितियों में ग्राहक की मदद करेगा।’ काठमाडौँ उपत्यका के लिए पिक-अप और ड्रॉप सेवा भी उपलब्ध है, जहां ग्राहक के पते से वाहन लेकर सेवा दी जाती है और वापस भी किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि दुर्घटना ग्रस्त ग्राहकों की परेशानी कम करने के लिए बीमा कंपनियों के साथ सहयोग में कैशलेस इंश्योरेंस सुविधा भी प्रदान की गई है।

‘ग्राहकों की शिकायतें और सुझाव हम गंभीरता से लेते हैं। हमारी प्राथमिकता समस्या की पहचान कर उसके मुल कारण तक पहुंचना है,’ उन्होंने कहा, ‘समस्या दिखते ही शीघ्र समाधान का लक्ष्य रखा गया है।’ उन्होंने आगे कहा कि गंभीर समस्याओं को ३० मिनट के भीतर हल करने तथा सभी शिकायतों का २४ घंटे के अंदर समाधान करने का हमारा उद्देश्य है। ‘सभी वाहनों की सेवा के बाद ७२ घंटे के अंदर ग्राहकों से पोस्ट-सर्विस फीडबैक (पीएसएफ) लिया जाता है, जिससे वे सेवा के संबंध में प्रतिक्रिया दे सकें। साप्ताहिक समीक्षा के माध्यम से निरंतर सुधार किया जाता है।’

आचार्य के अनुसार सिप्रदी ग्राहकों की संतुष्टि मापन हेतु सर्वेक्षण कर रहा है, जिसमें करीब ९८ प्रतिशत ग्राहक संतुष्ट पाए गए हैं। ‘वाहन की मरम्मत, व्हील अलाइनमेंट, टायर बैलेंसिंग, बॉडी रिपेयर जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं,’ उन्होंने जानकारी दी। केंद्र में सौर ऊर्जा से संचालित चार्जर भी लगाया गया है जो ‘ग्रीनिंग द ग्रीन’ का संदेश देता है। यहां एक बार में १२ वाहन सेवा के लिए लाई जा सकती हैं और १४-१५ तकनीशियन कार्यरत हैं। रोजाना ३० से ३५ यूनिट वाहनों की मरम्मत एवं सेवा की जाती है। विद्युतीय वाहन ईभी की मरम्मत लागत पेट्रोल वाहनों की तुलना में आधे से कम है, टेक्निकल मैनेजर दिग्विजय आचार्य ने कहा।

ईभी के संचालन और मरम्मत दोनों ही पक्षों में पेट्रोल और डिजेल वाहनों के मुकाबले कम खर्च आता है। चार्जिंग मुख्य खर्च है, जिसे प्रायः घर पर किया जा सकता है। मॉडल के अनुसार ३०० से ५०० किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग की आवश्यकता होती है, जो सप्ताह में एक या दो बार हो सकती है। ईभी के लिए दो प्रकार की मरम्मत तालिका बनाई गई है, जिसमें ५००० किलोमीटर या ६ महीने तथा ७५०० किलोमीटर या ६ महीने के अंतराल में सेवा प्रदान की जाती है। सिप्रदी ने अब तक लगभग ४० फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं, जिनमें २८ ऑनलाइन और १२ ऑफलाइन चार्जर शामिल हैं। कुल मिलाकर करीब १५० चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं। काठमाडौँ उपत्यका में ४ ऑनलाइन और १० ऑफलाइन चार्जर उपलब्ध हैं, बाकी चार्जर काठमाडौँ के बाहर स्थित हैं।

‘हमने विभिन्न स्थानों पर एसी फास्ट चार्जर लगाए हैं जो ग्राहकों को शीघ्र चार्जिंग में मदद करते हैं,’ आचार्य ने बताया। बिक्री के बाद सेवा तथा ग्राहक संतुष्टि में आने वाली चुनौतियों को उन्होंने सामान्य समस्या बताया। टाटा मोटर्स के उत्पाद लाने में सेवा सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है। गुणवत्तापूर्ण सेवा देने के लिए सक्षम और प्रशिक्षित जनशक्ति होना बड़ी चुनौती है, उन्होंने स्पष्ट किया। ‘बाजार में दक्ष कर्मी पाना और उन्हें कंपनी में बनाए रखना कठिन होता है, इसलिए हम निरंतर दक्ष जनशक्ति उत्पादन और प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहे हैं।’