
सरकार ने १ साउन २०८३ से करदाता उपहार प्रोत्साहन कार्यक्रम लागू किया है, जिसके तहत बिल मांगने वाले उपभोक्ताओं को १ लाख से १० लाख रुपये तक पुरस्कार दिए जाते हैं। भाटभटेनी, सेल्सबेरी और पोखरेल स्टोर जैसे व्यवसायी इस कार्यक्रम के बाद ग्राहकों में बिल मांगने और पान नंबर रजिस्टर कराने की प्रवृत्ति बढ़ने की बात कर रहे हैं। उपभोक्ता अनिसा श्रेष्ठ और लुमा बस्नेत ने योजना को सराहनीय बताया, लेकिन इसके बावजूद कई लोग अभी भी इसके प्रति जागरूक नहीं हैं, इसलिए सरकार से प्रचार बढ़ाने की सलाह दी है।
दैनिक बाजार में सामान खरीदने वाले उपभोक्ता अब बिल मांगना केवल लक्ष्मीपति बनने का अवसर नही समझते बल्कि इसे बाजार को पारदर्शी बनाने की मुहिम का हिस्सा भी मानने लगे हैं। इस कार्यक्रम के तहत बिल मांगने वाले उपभोक्ता १ लाख से १० लाख रुपये तक पुरस्कार जीत सकते हैं। भक्तपुर गोठाटार के रामेश्वर आचार्य जैसे जागरूक उपभोक्ता अब बिल मांगना अनिवार्य समझते हैं।
भाटभटेनी सुपरमार्केट के व्यवस्थापक अजय लामाका अनुसार, इस योजना ने ग्राहकों में उत्साह बढ़ाया है। ग्राहक अब अपनी व्यक्तिगत जानकारी (पान नंबर) रजिस्टर करवा रहे हैं। सेल्सबेरी डिपार्टमेंटल स्टोर की सुपरवाइजर मोनिका पौडेल ने भी ग्राहकों की बिल प्रति जागरूकता में वृद्धि की पुष्टि की है।
हालांकि, अभी भी कई उपभोक्ता इस पुरस्कार योजना के बारे में अनजान हैं। अनिसा श्रेष्ठ ने कहा, “बिल लेना उपभोक्ता का अधिकार और दायित्व है,” और यह योजना सभी को समझनी चाहिए तथा इसका लाभ उठाना चाहिए। सरकार की यह पहल बाजार को पारदर्शी बनाने और कर धोखाधड़ी रोकने में एक सकारात्मक और प्रभावशाली कदम साबित हो रही है।





