डोनाल्ड ट्रम्प ने रसुवा बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए आवश्यक मदद प्रदान करने की घोषणा की

रसुवामा आए विनाशकारी बाढ़ के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नेपाल को आवश्यक सभी प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने के लिए अमेरिका की तत्परता व्यक्त की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने राहत एवं उद्धार कार्यों में सहयोग के लिए आपदा प्रतिक्रिया विशेषज्ञों को नेपाल भेजा है और ५ लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर आपातकालीन सहायता की घोषणा की है। ट्रम्प ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ५० से ६० अमेरिकी नागरिक प्रभावित होने की संभावना जताई है, जबकि सीएनएन ने ९० अमेरिकी नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी है।
१२ भदौ, काठमाडौं। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और आपदा के दौरान आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। ह्वाइट हाउस में गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत के दौरान उन्होंने नेपाल को सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हमने नेपाल को फोन कर आवश्यक हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है।”
ट्रम्प ने नेपाल में आई बाढ़ से हुए नुकसान को ‘‘असाधारण’’ बताया तथा बताया कि शक्तिशाली कीचड़ और पानी की तेज धार ने मजबूत और पक्के भवनों को भी ‘टुथपिक की तरह’ आसानी से बहा दिया है। उन्होंने अनुमान लगाया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगभग ५० से ६० अमेरिकी नागरिक प्रभावित हो सकते हैं और कहा, “अभी तक प्रभावित अमेरिकी नागरिकों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।” अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि बाढ़ के बाद नेपाल में ९० अमेरिकी नागरिक लापता हैं।
पूर्व ह्वाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि नेपाल में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा अमेरिकी प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सरकार ने नेपाल को मदद का प्रस्ताव पहले ही दिया है और राष्ट्रपति ट्रम्प तथा विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नेपाल में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के उद्धार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बाढ़ की तत्काल स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए रखी है। अमेरिका ने काथोलिक रिलीफ सर्विसेज के माध्यम से ५ लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर आपातकालीन सहायता प्रदान करने का संकल्प लिया है।





