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भोटेकशी-त्रिशूली बाढ़ के बाद बिखरे शवों से नए जनस्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न

शव व्यवस्थापन में चुनौती

बुधवार रसुवा के भोटेकशी में आई भीषण बाढ़ के बाद बचाव कार्य में घायल लोगों के उपचार और प्रबंधन में तो बड़ी समस्या नजर नहीं आई है, लेकिन बिखरे शवों के कारण नई चुनौतियां सामने आई हैं, इसके बारे में आपातकालीन सेवाओं के अधिकारीयों ने बताया।

मानव ही नहीं, बड़ी संख्या में पशु और पक्षी भी बाढ़ में डूब गए हो सकते हैं, जिससे महामारी फैलने का खतरा है। अधिकारियों ने इस खतरे को लेकर चिंता व्यक्त की है।

बाढ़ के तीसरे दिन तक प्रभावित बस्तियों में बदबू फैलने लगी है।

“इससे एक नई समस्या या ‘आपदा’ पैदा होने का डर है,” गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र (एनईओसी) के प्रमुख फणीन्द्र प्रसाद पौडेल ने कहा, “शव बस्तियों, नदी के किनारों और पीने के पानी के स्रोतों तक पहुंच गए हैं।”

एनईओसी सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत मुख्य आपदा प्रबंधन एजेंसी है।