
भोटेकोशी–त्रिशूली बाढ़ के छठे दिन तक नदी में बहाए गए और तटबंध पर जमा हुए शवों का पता लगाने का सिलसिला जारी है, लेकिन इनमें से केवल कुछ ही शवों की पहचान हो सकी है, जबकि अधिकांश की पहचान करना अभी भी चुनौतीपूर्ण है, अधिकारियों ने बताया।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रमाणित शवों की संख्या कुल शवों का चार प्रतिशत से कुछ अधिक ही है।
बाढ़ में लापता व्यक्तियों के शव मिलने के बावजूद उनकी पहचान न होने के पीछे के विभिन्न कारण क्या हैं? इस विषय पर विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं।





