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संयुक्त राष्ट्रसंघ ने कहा- १२ वर्ष के संघर्ष में अफगानिस्तान में ४०,००० से अधिक आम नागरिकों की मौत

संयुक्त राष्ट्रसंघ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सन् २००९ से अफगानिस्तान में जारी सशस्त्र संघर्ष में कम से कम ४०,००० आम नागरिक मारे जा चुके हैं और ७७,००० से अधिक घायल हुए हैं। शनिवार को जारी इस रिपोर्ट में १९५ पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ किए गए साक्षात्कार, २३ गैर-सरकारी संगठनों और २३ तालिबान अधिकारियों से परामर्श शामिल है। रिपोर्ट में साक्षात्कार लेने वाले ९५ प्रतिशत लोगों ने अवसाद और चिंता जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे होने की जानकारी दी है। पीड़ितों ने आर्थिक मुआवजा, न्याय तक पहुंच और मानवाधिकार उल्लंघन की पुनरावृत्ति न होने की गारंटी देने वाले उपायों को प्राथमिकता में रखा है।

संयुक्त राष्ट्रसंघ की इस नई रिपोर्ट में अफगानिस्तान में एक दशक से अधिक चले सशस्त्र संघर्ष के कारण भारी मानवीय क्षति का खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी २००९ से अगस्त २०२१ तक कम से कम ४०,००० आम नागरिकों की मृत्यु हुई है जबकि ७७,००० से अधिक लोग घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की अफगानिस्तान सहायता मिशन (यूनामा) द्वारा जारी इस रिपोर्ट में संघर्ष प्रभावित १९५ व्यक्तियों और उनके परिवारों के साथ साक्षात्कार तथा २३ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों और २३ तालिबानी प्रतिनिधियों से परामर्श शामिल है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि ९५ प्रतिशत साक्षात्कारकर्ताओं ने अपनी अवसाद, चिंता और भावनात्मक चुनौतियों का उल्लेख किया है, जबकि ५८ प्रतिशत ने सशस्त्र संघर्ष में शारीरिक चोटें होने की बात कही है। अपनी मुख्य आवश्यकताओं के बारे में पूछे जाने पर ८१ प्रतिशत ने आर्थिक मुआवजे, ४८ प्रतिशत ने न्याय तक पहुंच और ४७ प्रतिशत ने मानवाधिकार उल्लंघन की पुनरावृत्ति रोकने वाले उचित कदमों को प्राथमिकता देने की बात कही। यह रिपोर्ट सभी संघर्ष में शामिल पक्षों से जवाबदेही सुनिश्चित करने, पीड़ितों के अधिकारों और आवश्यकताओं के समाधान के लिए सहयोग का आह्वान करती है।