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भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़: ‘लोग सुरंग के अंदर पावरहाउस में हो सकते हैं’ – कुलमान घिसिङ

जलविद्युत् आयोजना के सुरंग मुख पर बचावकर्मी

तस्वीर स्रोत, Nepal Army/Handout via REUTERS

भोटेकोशी और तल त्रिशूली नदी में आई बाढ़ से वहां के जलविद्युत केंद्र ध्वस्त हो गए, जिसके कारण कई लोग, विशेषकर सुरंगों के अंदर फंसे होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री बलिन्द्र शाह ने कहा है कि सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में “अभी भी खोज और बचाव कार्यों पर केंद्रित” है।

इस क्षेत्र में जलविद्युत विकास के अग्रणी रहे नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व कार्यकारी निदेशक कुलमान घिसिङ ने कहा है कि कई लोग अभी भी सुरंग के भीतर पावरहाउस की संरचना में फंसे हो सकते हैं। वे जेएनपी आंदोलन के बाद की अंतरिम सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।

कितने हो सकते हैं वहां फंसे?

Getty images

सुरंग के अंदर काम करने वाले लोग पावरहाउस में रहते हैं। यदि उन्हें ऑक्सीजन मिल रही है तो वे जीवित रह सकते हैं…

कुलमान घिसिङ
पूर्व मंत्री

घिसिङ के अनुसार जलविद्युत योजना की सुरंगों के भीतर की संरचनाओं तक पहुंचकर बचाव कार्य करना संभव हो सकता है।

बाढ़ के बाद भदौ १४ को क्षेत्र का निरीक्षण कर वापस लौटे घिसिङ का अनुमान है कि अभी भी कई लोग जल विद्युत केंद्र के सुरंग संरचनाओं में फंसे हो सकते हैं।