बाढीपीडितों के लिए वनस्पति घिउतेल उत्पादक संघ ने 1 करोड़ 1 लाख रुपये की सहायता की घोषणा

नेपाल वनस्पति घिउतेल उत्पादक संघ ने बाढी और पहिरो पीड़ितों के राहत और उद्धार हेतु प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप उद्धार कोष में 1 करोड़ 1 लाख रुपये सहायता देने का निर्णय लिया है। संघ ने 10 भदौ को आई बाढ़ से रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, चितवन और पूर्वी नवलपरासी में हुई मानवीय एवं भौतिक क्षति की जानकारी दी है। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, घायलों के उपचार और अन्य आवश्यक सहायता शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के लिए संघ ने सरकार और सम्बंधित निकायों का ध्यान आकर्षित किया है।
संघ ने बुधवार को बाढी-पहिरो द्वारा पहुंचाए गए मानवीय और भौतिक नुकसान पर गहरा दुःख जताते हुए सहायता राशि उपलब्ध कराने का फैसला लिया। 10 भदौ की सुबह तिब्बत के सिजाङ क्षेत्र से आई भीषण बाढ़ के कारण रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, चितवन और पूर्वी नवलपरासी सहित कई जिलों में व्यापक नुकसान हुआ था। इस प्राकृतिक आपदा में कई नागरिकों की मृत्यु हुई, कई लापता और घायल हुए तथा सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को अपूरणीय क्षति पहुंची, जिसे संघ ने गंभीरता से लिया है।
संघ ने कहा, ‘‘ऐसे संवेदनशील समय में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सहयोग और मानवीय भावना को अपनाते हुए नागरिक, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी समझकर संघ और उसके सदस्य उद्योगों ने एकमुश्त 1 करोड़ 1 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में योगदान करने का निर्णय लिया है।’’ इसके साथ ही संघ ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, घायलों के उपचार और आवश्यक सहायता जल्दी से जल्दी पहुंचाने हेतु सरकार और सम्बंधित प्रशासनिक निकायों को ध्यानाकर्षित किया है।
सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति हमेशा अग्रसर रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए संघ ने भविष्य में भी ऐसे सहयोगात्मक कार्यों में सतत भागीदारी जारी रखने का भरोसा दिया है। संघ के अनुसार, सभी सम्बंधित पक्षों की संवेदनशीलता और सहयोग से ही प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में गति लाई जा सकती है।





