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केरुङ बाढीमा चीनतर्फ ३१ की मौत, ५३१ लापता

समाचार सारांश संपादकीय समीक्षा सहित तैयार। चीन–नेपाल सीमा पर स्थित गिरोंग क्षेत्र में २६ अगस्त को आए भू-स्खलन के बाद आई बाढ़ में शुक्रवार शाम तक ३१ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। स्थानीय विपद् प्रबंधन केंद्र के अनुसार हिमस्खलन के कारण आई बाढ़ में ५३१ लोग लापता हैं। बचाव कार्य के लिए लगभग २३०० से अधिक बचावकर्मी, ४०० से ज्यादा वाहन, ८ हजार उपकरण और २४ हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। २० भदौ, काठमांडू।

दक्षिण-पश्चिमी चीन के शिनजियांग स्वायत्त क्षेत्र में चीन–नेपाल सीमा पर स्थित गिरोंग क्षेत्र में २६ अगस्त को हिमस्खलन के बाद आई नदी की बाढ़ से शुक्रवार शाम ६ बजे तक ३१ लोगों की जान जाने की पुष्टि स्थानीय विपद् प्रबंधन एवं बचाव केंद्र ने की है। कमांड सेंटर के अनुसार हिमस्खलन के बाद आई बाढ़ में ५३१ लोग अभी लापता हैं। बचावकर्मियों ने उस क्षेत्र से ९८७ व्यक्तिगत सामान भी बरामद किए हैं।

बुधवार तक जी–२१६ बचाव मार्ग का निरीक्षण करते हुए ५८ संभावित भूगर्भीय आपदा स्थलों की पहचान की गई है, केंद्र के अधिकारियों ने बताया। अधिकारियों ने प्रभावित तीन गांवों के संभावित जोखिमों का निरीक्षण और मूल्यांकन पूरा किया है तथा दो अस्थायी आपातकालीन आश्रय स्थल के लिए स्थान भी चयनित किया है। वहां आपातकालीन आपूर्ति सेवा प्रबंधन के लिए मार्गदर्शन भी दिया गया है।

मौसम, प्राकृतिक संसाधन, जल स्रोत और आपातकालीन प्रबंधन अधिकारियों सहित चीनी विज्ञान अकादमी और चीन सुरक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अकादमी के १७२ विशेषज्ञ और तकनीशियन बुधवार दोपहर ४ बजे तक उक्त स्थल पर सक्रिय थे, जो द्वितीयक संभावित आपदाओं की पहचान और रोकथाम में लगे हैं। पहाड़ी क्षेत्र में आए हिम और चट्टान के भू-स्खलन से गिरोंग बंदरगाह के रास्ते बहते हुए कुछ भवन, विद्युत आपूर्ति और जी-२१६ राजमार्ग के एक हिस्से को नुकसान पहुँचा जिससे संकट प्रबंधन और बचाव कार्य में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई। इन कठिनाइयों के बावजूद चीन ने तुरंत हेलीकॉप्टर, स्पीडबोट और रबर की नावें परिचालित कर बचावकर्मियों को भू-स्खलन प्रभावित बंदरगाह तक पहुंचाया है। बचाव दल ने १२ घंटे खड़ी पहाड़ी सड़कें पार कर पैदल उस इलाके तक पहुँचना संभव किया। इस क्षेत्र में लगभग २३०० बचावकर्मी, ४०० से अधिक खोज एवं बचाव वाहन, ८ हजार से अधिक व्यावसायिक उपकरण सेट, ८०० से ज्यादा ड्रोन उड़ान और २४ हेलिकॉप्टर परिचालित हैं।