
२० भदौ, किन्शासा(कांगो) (रासस/सिन्ह्वा)। लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो और इसके साझेदारों ने इबोला प्रकोप के खिलाफ प्रयासों को तेज करते हुए १८० दिन तक चलने वाली बहुक्षेत्रीय इबोला नियंत्रण एवं प्रतिक्रिया योजना शुरू की है। इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक अरब ३० करोड़ अमेरिकी डॉलर के वित्तीय कोष की आवश्यकता का अनुमान प्रस्तुत किया है। डब्ल्यूएचओ, अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन और अन्य साझेदारों के सहयोग से संचालित यह योजना आगामी छह महीनों तक इबोला नियंत्रण प्रतिक्रिया के परिचालन मार्गदर्शन के रूप में कार्य करने का लक्ष्य रखती है।
अफ्रीका के लिए डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, बुंडिबुग्यो वायरस से फैल रहे इबोला से सितंबर २ तक ६,३४२ लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से ३,०७२ की मृत्यु हो चुकी है। यह प्रकोप कांगो के ६ प्रांतों के ६० स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैल चुका है। स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित समुदायों में मृत्यु दर अधिक होने के कारण स्वास्थ्य अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है। कांगो में डब्ल्यूएचओ के कार्यवाहक प्रतिनिधि एनी एन्सिया ने संक्रमण की पहचान में देरी के कारण प्रारंभिक चरण में आवश्यक संसाधनों के परिचालन में कमी से मृत्युदर अधिक होने का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों से तीव्र और समन्वित कार्रवाई की अपील की है।
कांगो के स्वास्थ्य मंत्री रोजर कम्बा ने कहा है कि प्रकोप नियंत्रण के लिए समुदाय, सरकारी संगठनों, साझेदारों और दानदाताओं के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र के बाहर भी प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि सरकार प्रत्येक कांगोवासी की सुरक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध और परिचालित है। संयुक्त राष्ट्र संघ के आवासीय संयोजक डेमियन मामा ने कहा है कि कांगो में इबोला नियंत्रण प्रतिक्रिया को व्यापक मानवीय प्रयासों के साथ एकीकृत करने के लिए पर्याप्त, उद्धार और पूर्वानुमान योग्य कोष तथा आवश्यक समर्थन आवश्यक है। अफ्रीका सिडीसी ने भी इबोला नियंत्रण प्रयासों में संसाधनों के परिचालन, साझेदारों के साथ समन्वय और समुदाय की उच्चतम संलग्नता के साथ राष्ट्रीय प्रतिक्रिया प्रयासों के लिए निरंतर समर्थन की प्रतिबद्धता जताई है। कांगो में मई माह में आधिकारिक रूप से घोषित यह इबोला प्रकोप अब तक का रिकॉर्ड सबसे बड़ा और सबसे तेजी से फैलने वाला प्रकोप माना जा रहा है।





