भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़: विपत्ति के १३वें दिन नेपाल भर में राष्ट्रीय शोक, राष्ट्रपतिद्वारा राष्ट्र को सम्बोधित

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भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के कारण मारे गए व्यक्तियों की स्मृति में सोमवार को राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है।
पिछले सप्ताह मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि बाढ़ आने के १३वें दिन राष्ट्रीय शोक मनाया जाएगा। शोक के दौरान नेपाल भर के सरकारी कार्यालयों और विदेशों में नेपाली राजनयिक मिशनों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका होगा।
राष्ट्रीय विपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार भाद्र १० को आई बाढ़ में सोमवार तक कम से कम १,३५५ लोगों की मृत्यु पुष्टि हो चुकी है जबकि हजारों लोग अभी भी लापता हैं।
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल सोमवार सुबह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने नुवाकोट गए। उन्हें खोज एवं उद्धार, राहत वितरण और होल्डिंग सेंटर प्रबंधन से संबंधित जानकारी मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार विभिन्न जिलों में स्थित होल्डिंग सेंटरों में अब तक लगभग ३,२०० लोग आश्रय लिए हुए हैं और लापता व्यक्तियों की खोज जारी है।
राष्ट्रपतिके देश को संबोधन
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बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि भाद्र १० को भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की और मृतकों की पहचान प्रक्रिया को सरकार सावधानी और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाएगी, इसका भरोसा व्यक्त किया।
राष्ट्रपति पौडेल ने यह भी कहा कि अन्य देशों के नागरिक जो इस घटना में मारे गए या लापता हुए, उनके संबंधित देशों को संवेदना व्यक्त की है और संकट में सहायता करने वाले देशों का आभार जताया है।
उन्होंने लापता व्यक्तियों की खोज और बचाव में लगे सुरक्षा कर्मियों की प्रशंसा की और कहा कि कोई भी बाधा खोज एवं उद्धार कार्य में आना नहीं चाहिए।
इससे पहले सोमवार को राष्ट्रपति पौडेल नुवाकोट के बट्टार स्थित अस्थायी आश्रय स्थल पर विस्थापित लोगों से मिले थे।
खोज-कब्ताकब हो रही है
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सुरक्षा एजेंसियों ने बाढ़ प्रभावित विभिन्न स्थानों पर खोज कार्य जारी होने की जानकारी दी है।
नेपाली सेना के अनुसार नुवाकोट के देवीघाट इलाके में तादी नदी पर ‘बेलीब्रिज’ पुल निर्माण कार्य चल रहा है। बाढ़ ने दर्जनों पुलों और सड़कों को बहा दिया।
जलविद्युत परियोजनाओं के सुरंगों में शनिवार को दो और रविवार को एक व्यक्ति तथा बेत्रावती में बाढ़ से बहे गए घर के भग्नावशेष में एक जीवित मिला, जिसके बाद बचावकर्मियों ने जीवित व्यक्ति मिलने की उम्मीद लगाकर खोज कार्य केंद्रित किया है।
सुरंग में फंसे लोगों की खोज और उद्धार के प्रयासों का नेतृत्व नेपाली सेना कर रही है। कुछ स्थानों पर विदेशी विशेषज्ञों की टीम भी भाग ले रही है।
सशस्त्र प्रहरी बल के प्रवक्ता नेत्रबहादुर कार्की के अनुसार रसुवा के टिमुरे से लेकर नवलपरासी पश्चिम के नेपाल-भारत सीमा के पास नारायणी नदी तक खोजी कार्य चल रहा है।
सेना के प्रवक्ता राजाराम बस्नेत ने कहा कि सेना के नेतृत्व में विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं के सुरंगों और भूमिगत पावरहाउसों में खोज कार्य जारी है।
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सेना ने रविवार को बताया कि रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना के पावरहाउस और कंट्रोल पॉइंट तक खोज की गई है।
सेना ने रविवार की रात दी गई जानकारी में कहा कि त्रिशूली ३ के पावरहाउस एवं सुरंग में आवश्यक उपकरणों के साथ खोज जारी है और त्रिशूली ३बी ऑडिट २ सुरंग में एक्सकैवेटर के गुजरने के लिए रास्ता साफ किया जा रहा है।
चिलिमे हाइड्रो में विदेशी विशेषज्ञों सहित संयुक्त टीम के सहयोग से मलबे को हटाया गया है और खोज कार्य जारी है, सेना ने बताया।
माथिल्लो त्रिशूली १ परियोजना स्थल पर विदेशी विशेषज्ञों सहित टीम ने थर्मल कैमरा का उपयोग कर सुरंग में अतिरिक्त खोज की है।
मृतकों की संख्या कितनी है?
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सोमवार सुबह ११ बजे तक राष्ट्रीय विपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने सूचना दी कि १,३५५ शव या अंग-भंग हुए पार्थिव अवशेष मिले हैं।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार लगभग ४,००० लोग अभी भी लापता हैं, जबकि प्राधिकरण के मुताबिक यह संख्या लगभग ५,००० के करीब है।
प्राधिकरण के अनुसार रसुवा में १६९, नुवाकोट में १९७, धादिंग में ७०, चितवन में ३६३, गोरखा में ७५, तनहुँ में ३८, नवलपरासी पूर्व में २२२ और नवलपरासी पश्चिम में २२१ शव मिले हैं।
नारायणी नदी से भारत पहुंचने वाले शव नवलपरासी पश्चिम से लाए गए हैं। पुलिस के अनुसार उन शवों का रिकॉर्ड नवलपरासी पश्चिम में रखा गया है।
पुलिस के अनुसार मिले शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूने लेने समेत सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अब तक १,०४४ शव मिट्टी में दफनाए जा चुके हैं।
शवों की पहचान के लिए १,१८१ मृतक और लापता व्यक्तियों के १,२३८ नजदीकी रिश्तेदारों से डीएनए नमूने लिए जा चुके हैं। डीएनए संरचनाओं की तुलना कर मृतकों की पहचान होगी, पुलिस का कहना है।
कितने लोगों को बचाया गया?
राष्ट्रीय विपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ प्रभावित जिलों से कुल १३,३९६ लोगों को बचाया गया है।
नेपाली सेना के अनुसार हेलीकॉप्टर का उपयोग कर रविवार शाम तक लगभग ४,००० लोगों को बचाया गया था।
प्राधिकरण के अनुसार सोमवार तक नेपाली सेना ने १,१५९ उड़ान भरी हैं।
प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ के कारण लगभग ६,६७२ लोग घायल हुए, जिनमें से ३२३ ने उपचार प्राप्त किया है और २२८ को डिस्चार्ज किया जा चुका है।
प्राधिकरण ने जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार नेपाल पुलिस, सशस्त्र प्रहरी बल तथा नेपाली सेना के २१,४०० से अधिक सुरक्षाकर्मी आपदा के बाद बचाव, उद्धार एवं राहत कार्य में लगे हुए हैं।
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