
समाचार संक्षेप
समीक्षा गरिसकिएको है।
- जेनजी प्रदर्शन के दौरान भाटभटेनी के १२ स्टोर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए, जिससे लगभग ११ अरब रुपए का नुकसान हुआ, जो भाटभटेनी ने बताया।
- भाटभटेनी ने पुनर्निर्माण में अतिरिक्त २० से ३० प्रतिशत खर्च होने की बात कही है, जो करीब १४ अरब रुपए तक पहुंच चुका है।
- सीओओ पानु पौडेल के अनुसार, भाटभटेनी के २७ में से २३ स्टोर काम पर हैं और बाकी दो असोज और मंसिर तक खुल जाएंगे।
२३ भदौ, काठमाडौं। किसी व्यवसाय को स्थापित करने के लिए कितनी मेहनत, समर्पण, उत्साह, निवेश, निरंतरता और धैर्य चाहिए, यह व्यवसायी मीनबहादुर गुरुङ को देखकर सहज ही समझा जा सकता है।
लगभग चार दशकों पहले २०४१ साल में गुरुङ ने एक सपना लेकर काठमाडौं के नक्साल में एक छोटा स्टाल किराए पर लेकर व्यवसाय शुरू किया था, जो कालांतर में नेपाली उद्यम जगत में एक विशिष्ट उदाहरण बन गया।
उनका शुरू किया हुआ ‘भाटभटेनी डिपार्टमेंटल स्टोर’ ने नेपाल में निवेश, रोजगार और देश में ही कुछ करने की सोच स्थापित की थी। देश के विभिन्न हिस्सों में भाटभटेनी के दो दर्जन से ज्यादा स्टोर इसका प्रमाण हैं।
एक छोटे स्टाल से शुरू होकर चार दशकों में देशव्यापी विस्तार कर हजारों रोजगार सृजित किए, यह गुरुङ की अथक मेहनत का परिणाम है।
उन्होंने सातवें दशक तक ७७ जिलों में विस्तार करने की योजना बनाई थी, लेकिन पिछले वर्ष २३ भदौ को अचानक एक विनाशकारी घटना घटी। उस दिन जेनजी प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसने गुरुङ के हजारों युवाओं को रोजगार देने के सपने को बड़ा झटका दिया।
जेनजी आंदोलन हिंसक होने पर सरकारी संपत्ति, निजी उद्योग और व्यवसायों में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी हुई। मुख्य निशाने पर गुरुङ के भाटभटेनी सुपर स्टोर रहे।
लेकिन गुरुङ ने हार नहीं मानी। वे दिन-रात मेहनत करते रहे, हजारों सहकर्मियों ने साथ दिया, और लाखों ग्राहकों ने समर्थन किया। एक साल बाद भाटभटेनी फिर से उठ खड़ा हुआ।
भाटभटेनी सुपर स्टोर के प्रमुख परिचालन अधिकारी (सीओओ) पानु पौडेल ने कहा, ‘दस हजारों कर्मचारी और लाखों ग्राहकों के प्यार, विश्वास और समर्थन की वजह से हम भाटभटेनी को पुनः खड़ा कर पाए। हमें इस पर गर्व है।’
अरबों रुपए के निवेश से स्थापित दो दर्जन से अधिक स्टोरों में से अधिकांश तोड़फोड़ और आगजनी के शिकार हुए, जिससे पौडेल के मन में डर भी पैदा हुआ था कि क्या इसे फिर से खड़ा किया जा सकेगा या नहीं।
परंतु कार्यकारी अध्यक्ष गुरुङ का साहस, कर्मचारियों के परिवारों का स्नेह और ग्राहकों का भरोसा पुनर्निर्माण का प्रमुख स्रोत बना।
सीओओ पौडेल के अनुसार, जेनजी प्रदर्शन के दौरान भाटभटेनी को लगभग ११ अरब रुपए का नुकसान हुआ। पुनर्निर्माण में २० से ३० फीसदी अतिरिक्त खर्च लगाकर कुल खर्च लगभग १४ अरब रुपए हो गया है।

‘तीसरे, नयी बनाई गई इमारतें पुराने मुकाबले बेहतर गुणवत्ता वाली हैं। सामग्री और साज-सज्जा में विशेष खर्च किया गया है,’ पौडेल ने बताया।
उनके अनुसार, भाटभटेनी के २७ में से २३ स्टोर परिचालन में हैं। धरान का भाटभटेनी २४ भदौ को खुल चुका है, काठमाडौँ के टंगाल में ५ असोज को खुलने वाला है। उसके बाद सभी २५ स्टोर खुल जाएंगे। दमक और हेटौँडा के स्टोर दशहरा के बाद खुलेंगे।
‘नुकसान के बाद भी किसी कर्मचारी की छंटनी नहीं हुई। सभी पुराने कर्मचारी वापस काम पर आए हैं। वेतन कटौती नहीं हुई, बल्कि बोनस भी दिया गया है। कर्मचारी हमारे परिवार हैं, दुख-सुख में उनका साथ देना अध्यक्ष की प्राथमिकता है,’ सीओओ पौडेल ने कहा।
पिछली वर्ष की घटना को वे याद नहीं करना चाहते। ‘हमने उस घटना को भूलकर आगे बढ़ना चुना। पिछले तनाव के कारण फंसे रहने से पुनर्निर्माण मुश्किल था। हम सफलतापूर्वक फिर अपनी जगह खड़े होकर आगे बढ़ रहे हैं।’
किस-किस स्थान पर कितने स्टोर चल रहे हैं?
भाटभटेनी के २३ स्टोर आगामी असोज तक संचालन में आ जाएंगे। बाकी दो स्टोर मंसिर के भीतर खुलेंगे। साथ ही चार नए स्टोर निर्माण के अंतिम चरण में हैं।
चितवन टाँडी और पोखरा लेखनाथ के स्टोर्स इस वित्त वर्ष में संचालन में आने वाले हैं। ललितपुर सातदोबाटो और भैँसेपाटी के स्टोर आगामी वित्त वर्ष में खुलेंगे।

जेनजी प्रदर्शन में भाटभटेनी को क्या नुकसान हुआ?
देश भर के साढ़े दो दर्जन से अधिक स्टोरों में से १२ प्रमुख स्टोर पूरी तरह आग लगने से ध्वस्त हो गए।
काठमाडौँ के नक्साल स्टोर (मुख्यालय), महाराजगंज, बौद्ध, कोटेश्वर और बालुवाटार के गोदाम में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी हुई। सभी स्टोर पूरी तरह नष्ट हो गए।
पोखरा, चितवन, हेटौंडा, बिर्तामोड, दमक, विराटनगर और धरान के सुपर स्टोर भी पूरी तरह नष्ट हो गए।
इसी तरह, काठमाडौँ उपत्यका के कलंकी, बालाजू, थिमी और उपत्यका के बाहर जनकपुर, बुटवल, वीरगंज, धनगढी, इटहरी और भैरहवा के स्टोरों में तोड़फोड़ और लूटपाट हुई, लेकिन आगजनी नहीं हुई।
हालांकि, भाग्य से काठमाडौँ उपत्यका के टोखा, सातदोबाटो, अनामनगर, सानागाँउ, त्रिपुरेश्वर और पाटन तथा उपत्यका के बाहर नेपालगञ्ज स्टोर सुरक्षित रहा।
भाटभटेनी सीओओ पौडेल के अनुसार, लूटपाट, तोड़फोड़ और आगजनी वाले स्टोरों में काउंटर में रखे नकद की पूरी जानकारी नहीं थी। प्रदर्शनकारियों ने सामान के साथ नकद भी लूटा, जिससे बड़ा नुकसान हुआ।
उनके अनुसार, भाटभटेनी देश भर के स्टोर्स से दैनिक लगभग १० करोड़ ६८ लाख रुपए का कारोबार करता है, जो वार्षिक लगभग ३९ अरब रुपए होता है।
जेनजी प्रदर्शन के शुरू होने तक देश के भाटभटेनी स्टोर निर्बाध संचालन में थे। प्रदर्शन के पहले दिन गोलीबारी में १९ लोगों की मृत्यु के बाद तोड़फोड़ और लूटपाट शुरू हुई। सरकार ने कर्फ्यू लगाया, लेकिन घटना दूसरे दिन तक जारी रही।
भाटभटेनी के हर स्टोर में कम से कम ५०० लोग प्रत्यक्ष रोजगार पाते हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक है। गोदामों से लेकर स्टोरों तक कुल २० हजार से अधिक प्रत्यक्ष कर्मचारी हैं।





