
NASA और IBM ने चन्द्रमा की निगरानी के लिए ‘NASA-IBM लूनार फाउंडेशन मॉडल’ नामक एक ओपन-सोर्स कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मॉडल जारी किया है। यह मॉडल चन्द्रमा के सदैव छायादार क्षेत्रों में बर्फ की संभावनाओं, सुरक्षित अवतरण क्षेत्रों की खोज एवं ज्वालामुखीय संरचनाओं के अध्ययन में शोधकर्ताओं को मदद देगा। NASA और IBM के अनुसार इस मॉडल ने परीक्षणों में चन्द्रमा की सतह की प्रमुख विशेषताओं को अन्य विधियों की तुलना में 23 प्रतिशत तेज़ी से पहचाना है। 26 भदौ, काठमांडू।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने चन्द्रमा से संबंधित दशकों लंबे अवलोकन डेटा का विश्लेषण करने और चन्द्रमा पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति की योजना को मजबूत बनाने हेतु नया ओपन-सोर्स AI मॉडल पेश किया है। NASA और IBM की संयुक्त पहल से विकसित “NASA-IBM लूनार फाउंडेशन मॉडल” एक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध AI उपकरण है। इस मॉडल को NASA के पूर्व अभियानों से प्राप्त नौ उपकरणों द्वारा संग्रहित 30 से अधिक परतों के डेटा से प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें लूनर रिकग्नीज़न्स ऑर्बिटर (LRO) का डेटा भी शामिल है।
यह मॉडल IBM और NASA के ‘पृथ्वी’ श्रृंखला के ओपन फाउंडेशन मॉडल की तरह ही काम करता है, जो भू-स्थानिक और मौसम संबंधी विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी रहा है। नया मॉडल शोधकर्ताओं को चन्द्रमा के सदैव छायादार क्षेत्रों में संभावित बर्फ के स्थान की पहचान, सुरक्षित अवतरण स्थलों के गढ्ढे नक्शांकित करने और ज्वालामुखीय संरचनाओं का अध्ययन करने में सहायता प्रदान करेगा। परंपरागत रूप से ये काम वैज्ञानिक मैन्युअल रूप से नक्शे और चित्र देखकर या कम रिज़ॉल्यूशन वाले मशीन लर्निंग उपकरणों पर निर्भर होकर करते थे।
NASA और IBM के अनुसार, परीक्षण चरण में यह मॉडल अन्य प्रचलित विधियों की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक तेज़ और सटीक रूप से चन्द्रमा की सतह के महत्वपूर्ण गुणों को चिन्हित करने में सक्षम रहा है। चन्द्रमा पर बर्फ की उपस्थिति से पानी और ऑक्सीजन जैसे स्रोतों की संभावनाएँ जुड़ी हैं, जिनमें अंतरिक्ष एजेंसियां विशेष रुचि रखती हैं। भविष्य में चन्द्रमा पर स्थायी बेस या स्टेशन निर्माण एवं मंगल ग्रह पर मिशनों के लिए आवश्यक रॉकेट ईंधन के उत्पादन में ये स्रोत महत्वपूर्ण होंगे। NASA के आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत 2026-2027 में अंतरिक्ष यात्रियों को पुनः चन्द्रमा पर भेजा जाएगा, जो दीर्घकालीन चन्द्रमा उपस्थिति और भविष्य के मंगल अभियानों के लिए नई तकनीकों के विकास में मदद करेगा। यह मॉडल Hugging Face प्लेटफॉर्म पर निःशुल्क उपलब्ध है और इसका कोड GitHub पर भी रखा गया है। भविष्य के अध्ययनों में यह मॉडल महत्वपूर्ण योगदान देने की उम्मीद है।





