
२७ भाद्र, काठमाडौं। ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अन्य देशों पर लगाए जा रहे एकतरफा टैरिफों का कड़ा विरोध किया है। ब्रिक्स सम्मेलन के घोषणा पत्र में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों का उल्लंघन करने वाले एकतरफा टैरिफ, गैर-टैरिफ उपायों और संरक्षणवाद के विषय में गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। सम्मेलन ने चेतावनी दी है कि ऐसे कदम विश्वव्यापी व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं और आर्थिक असमानता बढ़ा सकते हैं।
ब्रिक्स ने अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत लगाए गए एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों और अन्य जबरदस्ती उपायों की भी आलोचना की है। ब्रिक्स देशों के नेताओं ने कहा है कि इन प्रतिबंधों का असर सबसे ज्यादा गरीब और कमजोर वर्गों पर पड़ता है और उन्होंने इस पर गंभीर चिंता जताई है। विश्व शांति के संदर्भ में, ब्रिक्स ने संघर्ष रोकने, संवाद, कूटनीति और मध्यस्थता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है।
बढ़ते सैन्य खर्च, परमाणु जोखिम और हथियार प्रतिस्पर्धा को लेकर समूह ने चिंता व्यक्त करते हुए निरस्त्रीकरण, हथियार नियंत्रण और परमाणु अस्त्र प्रसार रोकथाम व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है। साथ ही, परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्रों के महत्व पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। ब्रिक्स ने क्यूबा पर लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों और कड़े नाकाबंदी के बारे में भी गहरा चिंता व्यक्त की है। इसके अलावा, क्यूबा पर लगे आर्थिक, व्यापारिक और वित्तीय प्रतिबंध तुरंत समाप्त करने की भी ब्रिक्स ने जोरदार मांग की है।





