सीआईए की रिपोर्ट: ओसामा बिन लादेन भारत को भी बना रहे थे संभावित आतंकवादी हमले का लक्ष्य

नई दिल्ली। अलकायदा के पूर्व नेता ओसामा बिन लादेन ने एक समय भारत को भी संभावित आतंकवादी हमले का निशाना बनाने की योजना बनाई थी। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए द्वारा जारी दस्तावेज़ों ने इस तथ्य का खुलासा किया है। ये दस्तावेज़ 2001 के 11 सितंबर को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर अलकायदा द्वारा किए गए आतंकवादी हमले की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर सार्वजनिक किए गए हैं।
‘दि हिंदू’ की रिपोर्ट के अनुसार, सीआईए ने शुक्रवार (11 सितंबर 2026) तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश को भेजे गए 69 खुफिया ब्रीफिंग और 100 से अधिक पृष्ठों का सामग्री सार्वजनिक किया है। इसमें 28 अगस्त 1998 का एक ज्ञापन भी शामिल है, जिसमें बिन लादेन और अलकायदा के अन्य आतंकवादी अफगानिस्तान में अमेरिका के हमलों से बचने में सफल रहे थे, इसका उल्लेख है।
ज्ञापन के अनुसार, बिन लादेन ने मिस्र और अरब प्रायद्वीप में हमले करने की योजना बनाई थी। इसके अतिरिक्त कुवैत, सऊदी अरब, यमन, भारत, पाकिस्तान, युगांडा और सम्भवतः नाइजीरिया को भी संभावित लक्ष्य में रखा गया था। बार-बार जारी किए गए चेतावनी दस्तावेज़ों से यह स्पष्ट होता है कि सितंबर 1998 से सितंबर 2001 के बीच सीआईए ने बिन लादेन से संभव हमलों के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपतियों को लगातार सतर्क किया।
यह पहली बार नहीं है कि अलकायदा ने अमेरिका पर हमले की योजना बनाई थी। 2004 के 9/11 कमीशन की रिपोर्ट में भी अलकायदा द्वारा अमेरिका को निशाना बनाने की योजना की पुष्टि की गई थी। ये सीआईए दस्तावेज़ अमेरिकी प्रशासन को संभावित हमलों के लिए पूर्व सूचना प्रदान करने की पुष्टि करते हैं। 9/11 हमले की जांच आयोग के अनुसार, उन चेतावनियों को प्रभावी ढंग से लागू न कर पाने के पीछे कई कारण थे, जिनमें खुफिया क्षमता की कमी, संभावित हमले की कल्पना न कर पाना और प्रशासनिक तथा नीतिगत प्राथमिकताएं प्रमुख थीं।





