
हिमनदी और हिमताल विस्फोट से उत्पन्न होने वाली आपदा से कैसे बचा जाए इस विषय पर चर्चा की गई है। पिछले भाद्र माह में तिब्बत और नेपाल के क्षेत्रों में एक हिमनदी के फटने से हुए भूस्खलन के कारण अत्यंत विनाशकारी बाढ़ आई थी। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में तिब्बत से आई बाढ़ के बाद हिमालयी क्षेत्रों में हिमनदी तथा हिमताल विस्फोट का खतरा बढ़ गया है, जिसके लिए सतत निगरानी आवश्यक बताई गई है।
काठमांडू में स्थित एकीकृत पर्वतीय विकास के अंतरराष्ट्रीय केंद्र इसिमोड हिमालय के हिन्दुकुश क्षेत्र, विशेष रूप से नेपाल में स्थित हिमनदियों का अध्ययन कर रहा है। यह केंद्र ऐसी आपदाओं से बचाव और संभावित क्षति को कम करने के तरीकों पर अनुसंधान कर रहा है। इस संबंध में ‘बीबीसी हातेमालो’ के लिए संजय ढकाल ने इसिमोड की जल एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम की प्रमुख नीरा श्रेष्ठ प्रधान से बातचीत की है।





