नोबेल पुरस्कार २०२६: अंतरिक्ष में उत्पन्न न्यूट्रिनो की खोज करने वाले वैज्ञानिक को भौतिकी का पुरस्कार

बेल्जियम में जन्मे और अमेरिका में प्राध्यापन कर रहे वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्सन को इस वर्ष भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। नोबेल समिति के निर्णय के अनुसार, उन्होंने ‘आइसक्यूब न्यूट्रिनो अब्जर्वेटरी’ की स्थापना के साथ-साथ अंतरिक्ष में उत्पन्न उच्च ऊर्जा न्यूट्रिनो की खोज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हाल्सन ने एक पूरी तरह से नए प्रकार के अंतरिक्ष विज्ञान की नींव रखी है। उन्होंने पृथ्वी के दक्षिणी ध्रुव में बर्फ का प्रयोग करके रहस्यमय न्यूट्रिनो को एकत्रित करने की संभावना पर काम किया। इसी आधार पर आइसक्यूब न्यूट्रिनो अब्जर्वेटरी की स्थापना की गई, जो दूर-सुदूर ब्रह्माण्ड में उत्पन्न न्यूट्रिनो की निगरानी में सक्षम है।
उन्हें 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (8.70 लाख पाउंड) नकद पुरस्कार और पदक से सम्मानित किया जाएगा। अब तक भौतिकी के क्षेत्र में 120 बार नोबेल पुरस्कार घोषित किए जा चुके हैं। इस क्षेत्र में पुरस्कार स्टॉकहोम स्थित रॉयल स्वीडिश अकादमी ऑफ साइंसेज द्वारा प्रदान किया जाता है। नोबेल पुरस्कार समिति बुधवार को रसायनशास्त्र, गुरुवार को साहित्य, शुक्रवार को शांति, और आगामी सोमवार को अर्थशास्त्र के विजेताओं के नामों की घोषणा करेगी।
नोबेल पुरस्कार से जुड़ी रोचक जानकारी के अनुसार, पिछले 12 महीनों में मानव जाति के लिए सबसे अधिक लाभकारी कार्य करने वाले व्यक्तियों को यह सम्मान दिया जाता है। स्वीडिश व्यापारी एवं डायनामाइट के आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल ने पांच क्षेत्रों में पुरस्कारों की स्थापना की थी। उन्होंने अपनी अधिकांश संपत्ति पुरस्कारों की स्थापना और संचालन के लिए निधि में डाली थी। साल 1968 में स्वीडन के केंद्रीय बैंक द्वारा अर्थशास्त्र के लिए अलग पुरस्कार स्थापित किए जाने के बाद कुल छह क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।





