अमेरिकी सेना के मनोचिकित्सक निदाल हसन को सामूहिक गोली से मौत की सजा दी जाएगी

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका में पहली बार सामूहिक गोली से मौत की सजा लागू होने की तैयारी हो रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना में तैनात मनोचिकित्सक निदाल हसन को सामूहिक गोली से मृत्युदण्ड दिए जाने की घोषणा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ‘पेंटागन’ ने की है। इस घटना से द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पहली बार इस प्रकार की सजा लागू होने का संकेत मिलता है।
सन् २००९ में फोर्ट हूड में गोलीबारी के दौरान हसन ने १३ निहत्थे सैनिकों की हत्या की थी और ३२ अन्य घायल हुए थे। अदालत में उन्होंने अपने अपराध को स्वीकार किया था। अमेरिकी सेना के अनुसार आगामी ३ दिसंबर को यह मौत की सजा लागू की जाएगी।





