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पाकिस्तान ने सफलतापूर्वक परीक्षण किया लंबी दूरी की ‘फतह–४’ मिसाइल का नया संस्करण

२२ असोज, काठमाडौं । पाकिस्तान ने जमीन से लॉन्च की जाने वाली लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल ‘फतह–४’ के नए संस्करण का सफल परीक्षण किया है। इस नए संस्करण को ‘फतह–४ ईआर’ नाम दिया गया है। पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (आईएसपीआर) के अनुसार इस नई मिसाइल में उड़ान और लक्ष्य निर्धारण के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। पाकिस्तान ने नए संस्करण की वास्तविक मारक दूरी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन रक्षा मामलों के शोधकर्ता बिलाल हुसैन खान के अनुसार इसकी मारक क्षमता १ हजार किलोमीटर से अधिक हो सकती है। उनके अनुसार फतह–४ ईआर की मारक दूरी १,२०० से १,५०० किलोमीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया हो सकता है। इससे पहले फतह–४ की मारक दूरी लगभग ७५० किलोमीटर बताई जाती थी।

जमीन से लगभग ५० मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता इस मिसाइल की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। पाकिस्तान वायु सेना के सेवानिवृत्त एयर कमोडोर ओवैस खान के अनुसार, फतह–४ जमीन से लगभग ५० मीटर ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। इससे यह दुश्मन के रडार सिस्टम की निगरानी से बचते हुए लक्ष्य की तरफ बढ़ता है। क्रूज मिसाइल सामान्यतः भू-भाग की सतह के नजदीक उड़ती हैं, जिससे ये उच्च ऊंचाई पर उड़ने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में रडार द्वारा पकड़ना कठिन होती हैं। फतह–४ में उपयोग की गई नेविगेशन प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक ‘जैमिंग’ के बावजूद भी प्रभावी ढंग से काम करने का दावा किया गया है।

यह एक सबसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसकी गति ध्वनि की गति से कम होती है। पाकिस्तानी वायु सेना के सेवानिवृत्त एयर कमोडोर ओवैस खान के अनुसार इसकी गति लगभग मैक ०.७ यानी ८६४ किलोमीटर प्रति घंटा है। मिसाइल में लगभग ३३० किलो तक का परंपरागत पेलोड बोकने की क्षमता होने का भी दावा किया जाता है। रक्षा शोधकर्ता बिलाल हुसैन खान के अनुसार, नए संस्करण का आकार भी बड़ा है और जारी वीडियो में फतह–४ ईआर का आकार पिछले संस्करण की तुलना में अधिक बड़ा दिखता है।

फतह–४ ईआर में मिसाइल के पंखों की संरचना में भी परिवर्तन किया गया है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया आसान और कम महंगी बन सकती है। हालांकि पाकिस्तान ने नए संस्करण की वास्तविक मारक दूरी के बारे में औपचारिक जानकारी नहीं दी है, इसलिए इसकी क्षमताओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी संभव नहीं है। फतह सीरीज – फतह–१ से लेकर फतह–४ तक – पाकिस्तान ने पिछले कुछ वर्षों में इन मिसाइलों का विकास किया है। २०२१ में फतह–१ का परीक्षण हुआ था, जिसकी मारक क्षमता लगभग १४० किलोमीटर थी। २०२४ में फतह–२ को सेना में शामिल किया गया, जिसकी मारक क्षमता लगभग ४०० किलोमीटर बताई गई।

फतह–४ को पिछली संस्करणों से अलग भूमिका के लिए विकसित किया गया है और यह लंबी दूरी पर जमीन आधारित रणनीतिक और सैन्य लक्ष्यों पर हमला करने के उद्देश्य से है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, क्रूज मिसाइल की मुख्य खासियत इसकी कम ऊंचाई पर उड़ान भरने और उच्च सटीकता से लक्ष्य पर प्रहार करने की क्षमता है। ऑस्ट्रेलिया के नेशनल यूनिवर्सिटी में रक्षा और रणनीति के प्रोफेसर मन्सूर अहमद के अनुसार फतह सीरीज पाकिस्तान की लंबी दूरी की रॉकेट आर्टिलरी प्रणाली का एक प्रमुख हिस्सा है।

भारत और पाकिस्तान दोनों ने हाल के वर्षों में लंबी दूरी की मिसाइल और ड्रोन सिस्टम के विकास और परीक्षण में तेजी दिखाई है। दोनों ही देशों के पास सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें भी मौजूद हैं। पाकिस्तान फतह सीरीज के माध्यम से परंपरागत हथियार प्रणालियों में लंबी दूरी और उच्च सटीकता पर बल दे रहा है। हालांकि, पाकिस्तान ने इसकी वास्तविक मारक दूरी और तकनीकी क्षमताओं का खुलासा नहीं किया है, इसलिए उपलब्ध दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि संभव नहीं है।