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कांग्रेस-एमाले सरकार द्वारा न किए जाने वाले कामों के कारण चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा: एमाले उपसभापति विश्वप्रकाश शर्माको观点

नेपाली कांग्रेस ने फागुन २१ को प्रतिनिधिसभा निर्वाचन में हुई पराजय की जिम्मेदारी गठबन्धन सरकार को दी है। पार्टी उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने बताया कि ७ बिंदु समझौते का क्रियान्वयन न होना और संघीय ढांचे में देरी चुनाव हार का मुख्य कारण रहे। उन्होंने सामाजिक संजाल बंद करने के फैसले को जेनजी विद्रोह के लिए उपयुक्त माहौल बनाने वाला बताया। ६ चैत, काठमाडौं।

कांग्रेस ने फागुन २१ के प्रतिनिधिसभा चुनाव में मिली हार के कारणों में गठबन्धन सरकार को दोषी ठहराया है। पार्टी उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक में चुनावी समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि “दो बड़े दलों के मिलकर सरकार बनने के बाद जनता की सरकार से उच्च उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार का प्रदर्शन औसत रहा।” जिससे जनता में नई विश्वास की भावना उत्पन्न नहीं हो सकी।

शर्मा ने बताया कि कांग्रेस-एमाले की सरकार के दौरान हुए ७ बिंदु के समझौते को पूरा न कर पाना भी चुनाव में पराजय का महत्वपूर्ण कारण रहा। उन्होंने कहा, “संवैधानिक संशोधन से जुड़ी कार्यदल तक गठन नहीं हुआ। संघीय व्यवस्था को लागू करने में एक दशक गुजरने के बाद भी प्रदेशों को अधिकार देने में देरी हो रही है।”

सामाजिक संजाल बंद करने के फैसले को भी हार का एक अन्य कारण बताते हुए उन्होंने कहा, “सामाजिक संजाल बंद करने के फैसले ने गठबन्धन की सहमति के बिना चुनाव आयोग के काम को बाधित किया। इसने जेनजी विद्रोह के लिए अनुकूल वातावरण बनाया और हार की स्थिति उत्पन्न की।”