८ महिनों में डेढ़ लाख विद्युत चूल्हे का आयात, इंडक्शन चूल्हे में उपभोक्ताओं की अधिक रुचि

समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार किया गया।
- खाना पकाने के लिए एलपी गैस की कमी के कारण उपभोक्ता विद्युत चूल्हे की ओर आकर्षित हुए हैं।
- चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के आठ महीनों में नेपाल में १ लाख ४७ हजार ८ सौ ६४ विद्युत चूल्हे आयात किए गए हैं।
- आयातित चूल्हों में से १ लाख ४ हजार ७ सौ १७ इंडक्शन और ४२ हजार २ सौ १८ इन्फ्रारेड चूल्हे हैं तथा कुल आयात मूल्य ३० करोड़ ४१ लाख १२ हजार रुपये है।
८ चैत्र, काठमांडू। खाना पकाने के लिए एलपी गैस की कमी होने पर उपभोक्ता विकल्प के रूप में विद्युत चूल्हों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
भन्सार विभाग द्वारा जारी चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के आठ महीनों के आंकड़ों के अनुसार (सावन से फाल्गुन अंत तक), नेपाल में कुल १ लाख ४७ हजार ८ सौ ६४ विभिन्न प्रकार के विद्युत चूल्हे आयात किए गए हैं।
आयातित चूल्हों में सबसे अधिक लोकप्रियता इंडक्शन चूल्हों की रही है। चालू आर्थिक वर्ष के फाल्गुन अंत तक ही १ लाख ४ हजार ७ सौ १७ इंडक्शन चूल्हे नेपाल में आ चुके हैं।
इसी तरह, इन्फ्रारेड चूल्हों का आयात भी उल्लेखनीय है। इस अवधि में ४२ हजार २ सौ १८ इन्फ्रारेड चूल्हे भन्सार से आयात किए गए हैं, भन्सार विभाग ने बताया। इंडक्शन और इन्फ्रारेड के अलावा अन्य प्रकार के विद्युत चूल्हे केवल ९ सय २९ मात्रा में आयात हुए हैं।
आर्थिक दृष्टि से भी इन विद्युत चूल्हों के आयात पर बड़ी राशि खर्च हुई है। आठ महीनों में आयातित १ लाख ४७ हजार से अधिक चूल्हों का कुल मूल्य ३० करोड़ ४१ लाख १२ हजार रुपये है।
इसमें इंडक्शन चूल्हों का आयात मूल्य २२ करोड़ २७ लाख ४ हजार रुपये है, जबकि इन्फ्रारेड चूल्हों का मूल्य ७ करोड़ ६७ लाख ७ हजार रुपये है। इन चूल्हों से सरकार ने ४ करोड़ ३३ लाख ७ हजार रुपये के बराबर राजस्व इकट्ठा किया है।





