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नेपाल–हङकङ मैच के लिए राखेप ने स्वीकृति नहीं दी : एन्फा

चैत्र ५ की सुबह से दोपहर तक एन्फा के कर्मचारी राखेप कार्यालय में उपस्थित रहने के बावजूद लिखित स्वीकृति नहीं मिलने की जानकारी एन्फा ने दी है।


९ चैत्र, काठमांडू। अखिल नेपाल फुटबॉल संघ (एन्फा) ने स्पष्ट किया है कि चैत्र १२ को निर्धारित नेपाल और हङकङ के बीच अंतरराष्ट्रीय मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच के लिए राष्ट्रीय खेलकुद परिषद (राखेप) की ओर से कोई आधिकारिक स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है।

एन्फा ने सोमवार सुबह जारी प्रेस विज्ञप्ति में दशरथ रंगशाला के रख-रखाव समेत आवश्यक स्वीकृति समय पर न मिलने का दावा किया है।

एन्फा ने रविवार दोपहर प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया था कि राखेप ने दशरथ रंगशाला उपलब्ध नहीं कराई, जिसके कारण नेपाल और हङकङ के बीच मैच रद्द हो गया।

इसके साथ ही नेपाल ने हङकङ फुटबॉल संघ को एक पत्र भेज कर राजनीतिक तनाव के कारण मैच रद्द होने की जानकारी दी थी। लेकिन रविवार शाम राखेप ने एन्फा की प्रेस विज्ञप्ति का खंडन करते हुए बताया कि समय पर दशरथ रंगशाला की स्वीकृति दे दी गई थी और एन्फा ने भ्रम फैला रहा है। अगले दिन एन्फा ने पुनः प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राखेप के पत्र का खंडन किया।

एन्फा के अनुसार खेल संचालन के लिए आवश्यक स्वीकृति और दशरथ रंगशाला उपलब्ध कराने हेतु माघ १० को राखेप को पत्राचार किया गया था। यह पत्र माघ ११ को दर्ज किया गया, लेकिन लंबे समय तक कोई लिखित स्वीकृति नहीं मिली।

एन्फा ने बार-बार राखेप के संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगने के बावजूद स्पष्ट जवाब न मिलने का दावा किया। चैत्र ५ की सुबह से दोपहर तक एन्फा के कर्मचारी राखेप कार्यालय में मौजूद थे, परन्तु कोई लिखित स्वीकृति नहीं दी गई।

संघ के अनुसार दशरथ रंगशाला के रख-रखाव, फ्लडलाइट ईंधन, कर्मचारी प्रबंधन सहित सभी आर्थिक और तकनीकी जिम्मेदारियाँ वे स्वयं निभा रहे हैं, बावजूद इसके स्वीकृति न मिलना दुखद है।

एन्फा ने मैच स्थगन की सूचना जारी करने के बाद राखेप द्वारा स्वीकृति दिए जाने की बात कहते हुए जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आश्चर्य व्यक्त किया। चैत्र ५ को जारी किया गया पत्र चैत्र ८ को प्रकाशित होने पर राखेप की मंशा पर सवाल उठाए।

एन्फा ने अब तक किसी भी आधिकारिक या लिखित स्वीकृति प्राप्त न होने की बात स्पष्ट की तथा प्रशासनिक देरी की वजह से उत्पन्न परिस्थिति के लिए सभी खेलप्रेमी नेपाली समुदाय से क्षमा मांगती है।

एन्फा ने यह भी कहा कि चैत्र १३ को झापा में निर्धारित अर्ली इलेक्शन के लिए राखेप द्वारा स्वीकृति न दिए जाने के कारण खेलकुद की कार्यकारी संस्था राखेप और देश के सबसे बड़े खेल संघ एन्फा के बीच संघर्ष बढ़ा है।

रविवार को शुरू हुए इस द्विपक्षीय संघर्ष की स्थिति सोमवार को भी जारी है। फुटबॉल के मैदान में दो टीमें विपरीत गोल करने के प्रयास में हैं, जबकि मैदान के बाहर राखेप और एन्फा के बीच विरोधाभास नजर आ रहा है।