
९ चैत, काठमांडू। बागमती प्रदेश सरकार ने चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के पहले आठ महीनों में वार्षिक लक्ष्य का ३६.२९ प्रतिशत, अर्थात् २४ अरब ४९ करोड़ २ लाख ८७ हजार रुपैयाँ राजस्व संग्रहित किया है।
घर-जमीन पंजीकरण (मालपोत) और वाहन कर प्रदेश सरकार की राजस्व संग्रह का मुख्य स्रोत माने जाते हैं। आर्थिक वर्ष २०८२/८३ में साउन से फागुन तक ३० अरब ८९ करोड़ ११ लाख ८९ हजार रुपैयाँ राजस्व संग्रह का लक्ष्य रखा गया था।
इस लक्ष्य की तुलना में ४५.१३ प्रतिशत अर्थात् १३ अरब ९३ करोड़ ९७ लाख १५ हजार रुपैयाँ राजस्व संग्रह हुआ है, जो बागमती प्रदेश सरकार के आंतरिक मामला तथा योजना विकास मंत्रालय के अधिकारी सुरज पौडेल ने बताया।
उनके अनुसार चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ में घर-जमीन पंजीकरण से सात अरब ७० करोड़ रुपैयाँ राजस्व संग्रह का लक्ष्य था, जिसमें पहले आठ महीनों में दो अरब ५६ करोड़ २ लाख ४ हजार रुपैयाँ राजस्व प्राप्त हुआ है।
इसी प्रकार, प्रदेश सरकार ने वाहन जांच पास, रूट परमिट, चालक अनुमति पत्र वितरण और नवीनीकरण अंतर्गत वाहन कर शीर्षक से आठ अरब २५ करोड़ का अनुमान लगाया था, जिसमें रु चार अरब ४४ करोड़ ९३ लाख ४० हजार रुपैयाँ संग्रहित किया गया है।
इसके अलावा, प्रदेश सरकार ने बांटफाँड से प्राप्त मूल्य अभिवृद्धि कर के अंतर्गत आठ अरब ७९ करोड़ ८६ लाख ६७ हजार रुपैयाँ प्राप्ति का अनुमान लगाया था, जबकि अब तक पांच अरब ४ करोड़ ६५ लाख १७ हजार रुपैयाँ रकमा संग्रहित हुई है।
इसी प्रकार, आंतरिक शुल्क कर से चार अरब ३ करोड़ ७९ लाख ९ हजार रुपैयाँ प्राप्ति का अनुमान था, जिसमें एक अरब ७५ करोड़ ३ लाख ३६ हजार रुपैयाँ संग्रह हुआ है, मंत्रालय ने बताया।
संघीय सरकार से मिलने वाले समानीकरण अनुदान के तहत १४ अरब ८१ करोड़ ९३ लाख रुपैयाँ प्राप्ति का अनुमान था, जिसमें आठ महीनों की अवधि में इसके ५३.६० प्रतिशत अर्थात् सात अरब ९४ करोड़ २७ लाख ५६ हजार रुपैयाँ प्राप्त हुए हैं, अधिकारी पौडेल ने बताया।
इसके अतिरिक्त, चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ में प्रदेश सरकार के आंतरिक स्रोतों से ४ अरब ७७ करोड़ ७४ लाख २५ हजार रुपैयाँ राजस्व संग्रह का अनुमान था, जिसमें आठ महीनों में लक्ष्य का ५२.३५ प्रतिशत अर्थात् दो अरब ५० करोड़ १२ लाख १८ हजार रुपैयाँ प्राप्त हुआ है, मंत्रालय ने बताया।
आर्थिक तरलता में कमी, घर-जमीन और नए वाहन खरीद-बिक्री में गिरावट, गत भदौ २३ एवं २४ को हुए जनजीवन विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सरकार की राजस्व संकलन इकाइयों को हुए नुकसान सहित अन्य कारणों से अपेक्षित राजस्व संग्रह नहीं हो सका है, उनके अनुसार। –रासस





