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आज चैती छठ पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है


१० चैत्र, जनकपुरधाम। जनकपुरधाम सहित मधेश में आज चैती छठ का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। चैती छठ की मूल विधि के अनुसार आज अस्त होते सूर्य को संध्या अर्घ्य दिया जाता है। कल सुबह उगते सूर्यदेव अर्थात् दिनानाथ को अर्घ्य देने के साथ ही चैती छठ विधिवत् समाप्त होगा।

जनकपुरधाम के गंगासागर और अर्गजासर स्थल पर यह पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार भी चैती छठ के लिए गंगासागर और अर्गजासर को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है।

चैती छठ मनाने से हर मनोकामना पूरी होती है और छालाजन्य रोग नहीं लगने का जनविश्वास प्रचलित है।

चार दिन तक अत्यंत नियम और श्रद्धा के साथ मनाए जाने वाले चैती छठ का पहला दिन ‘नहाय–खाय’ होता है, जबकि दूसरे दिन दिनभर उपवास रखा जाता है और रात को केवल पकाए हुए खीर का सेवन किया जाता है। तीसरे दिन अर्थात् षष्ठी तिथि को निर्जला उपवास रखकर शाम को अस्त होते सूर्य को जलाशय में स्नान करके खड़े होकर अर्घ्य दिया जाता है।

आज सूर्यास्त से एक घंटा पहले से ही व्रतधारी जलाशय में प्रवेश कर षष्ठी माता का ध्यान करते हुए दिनानाथ को अर्घ्य देते हैं। अर्घ्य में ठेकुवा, भुसुवा, मूला, उखु, भंटा, केला, नारियल सहित अन्य सामग्री प्रसाद के रूप में चढाई जाती है।

व्रतधारी जागरण में रहते हुए अगले दिन चैत्र शुक्ल सप्तमी को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस पर्व का समापन करते हैं।

कात्तिक में मनाए जाने वाले छठ पर्व जितनी बड़ी संख्या में चैती छठ नहीं मनाई जाती, फिर भी वर्ष दर वर्ष इसकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है।