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एआईजी शाहलाई कारवाही और पुरस्कार दोनों की सिफारिश, रिपोर्ट में मिला विरोधाभास


१२ चैत, काठमाडौं। गत २३ और २४ भदौ को जेनजी आन्दोलन की जांच के लिए गठित गौरीबहादुर कार्की आयोग की रिपोर्ट में एक ही व्यक्ति के विरुद्ध कारवाही और पुरस्कार दोनों की सिफारिश की गई है।

आन्दोलन के दौरान पुलिस प्रधान कार्यालय के कार्य विभाग (वर्तमान में पुलिस अकादमी) में कार्यरत एआईजी सिद्धिविक्रम शाह को कारवाही और पुरस्कार दोनों के लिए सिफारिश की गई है।

आयोग की रिपोर्ट के पृष्ठ ६८९ में एआईजी शाह को पुरस्कृत करने का उल्लेख है।

‘२४ भदौ को टंगाल के भाटभेटेनी और नक्लास के हिल्टन होटल के निकट पुलिस प्रधान कार्यालय पर हुए आक्रमण को कार्य विभाग प्रमुख एआईजी शाह ने आक्रमणकारियों को मुख्य गेट के भीतर प्रवेश नहीं करने देते हुए नेतृत्वकारी भूमिका निभाई और पुलिस प्रधान कार्यालय को पूरी तरह सुरक्षित रखने में सफल रहे, इसके कारण उन्हें पुलिस प्रधान कार्यालय द्वारा पुरस्कृत किया जाना चाहिए,’ रिपोर्ट में कहा गया है।

हालांकि, आयोग ने एआईजी शाह के खिलाफ कारवाही के लिए भी सिफारिश की है। आयोग की रिपोर्ट के पृष्ठ ७२५ पर कारवाही सिफारिश विवरण में एआईजी शाह का नाम शामिल है। उन्हें विभागीय कारवाही के लिए सिफारिश किया गया है।

पुलिस ऐन २०१२ की धारा ९ की उपधारा (४) और पुलिस नियमावली के नियम १०९ के अनुसार कर्तव्य पालन में कमी के कारण कारवाही आवश्यक है, यह भी रिपोर्ट में उल्लेखित है।