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महासचive पाण्डे ने २४ भदौ को सुरक्षा जवानों की हताशा का अनुभव किया

संघीय संसद सचिवालय के महासचिव पद्मप्रसाद पाण्डेय ने २४ भदौ को सुरक्षा जवानों में हताशा का अनुभव किया। पाण्डेय ने संसद भवन को हुए नुकसान को कम करने के लिए पूर्व-निर्धारित Contingency Plan (आपातकालीन योजना) के अभाव को स्वीकार किया है। इसके साथ ही उन्होंने संसद भवन के सिंहदरबार परिसर में स्थानांतरण के बाद सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता भी जताई है। ११ चैत, काठमाडौं।

पाण्डेय ने बताया कि २४ भदौ को उन्होंने सुरक्षा जवानों में हताशा महसूस की। जांच आयोग की रिपोर्ट में उनका बयान शामिल है। आयोग के समक्ष बयान देते हुए पाण्डेय ने बताया कि भदौ २४ को काठमाडौँ और ललितपुर में कर्फ्यू के कारण वे घर पर ही थे। उन्होंने कहा, ‘उस दिन सुरक्षा जवानों में कुछ हताशा दिखी, जो मुझे महसूस हुई।’

उन्होंने कहा कि घटना से पहले उच्च जोखिम का आकलन नहीं किया गया था। उन्होंने स्वीकार किया, ‘संसद भवन को हुए नुकसान को कम करने के लिए पूर्वनियोजित Contingency Plan का अभाव था।’ इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों में ROE (Rule of Engagement) जैसे औपचारिक ढांचे का व्यवस्थित रूप से न होना भी समस्या थी।

पाण्डेय ने सुझाव दिया कि भविष्य में जब संसद भवन सिंहदरबार परिसर में स्थानांतरित होगा, तब सरकार को सिंहदरबार की समग्र सुरक्षा योजना में संसद सुरक्षा प्रणाली को शामिल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुरक्षा स्तर को बढ़ाने के लिए पूर्वानुमान प्रणाली, पर्याप्त उपकरण, मजबूत अवसंरचना, ROE, अंतर-एजेंसी समन्वय का सुदृढ़ीकरण और नियमित जोखिम मूल्यांकन आवश्यक हैं।