
समाचार सारांश
समीक्षा के बाद तैयार।
- जेनजी आंदोलन की घटनाओं पर आयोग ने भदौ 23 को टीओबी समूह द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन को उग्र बनाने का उल्लेख किया है।
- आयोग ने रिपोर्ट में भदौ 23 को लगभग 100 मोटरसाइकिलों पर आए युवाओं द्वारा भीड़ को उकसाने का उल्लेख किया है।
- भीड़ ने पुलिस पर पत्थर, राड, ईंटें फेंककर संसद भवन में प्रवेश करने का प्रयास किया और पुलिस ने बल प्रयोग किया, आयोग ने खुलासा किया है।
11 चैत्र, काठमाडौं । भदौ 23 को जेनजी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को उग्र बनाने में टीओबी समूह की भूमिका सामने आई है।
जेनजी आंदोलन की घटनाओं की जांच के लिए गठित आयोग ने तैयार की गई रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है।
‘भदौ 23 को लगभग 12 बजे के करीब चाबहिल ओम अस्पताल, धोबिखोला कॉरिडोर, गौशाला सहित विभिन्न स्थानों पर बानेश्वर और बिजुलीबजार से लगभग 100 मोटरसाइकिलों पर आए (कुछ ने टीओबी लिखा हुआ काला टी-शर्ट पहना था) युवाओं ने मोटरसाइकिल जोर-जोर से चलाकर शोर-शराबा मचाया और भीड़ को और उकसाने का काम किया,’ रिपोर्ट में लिखा है।
इसके बाद भीड़ और अधिक उग्र हो गई, पुलिस से धक्का-मुक्की की, पानी की बोतलें, पत्थर, राड, ईंटें, गुलेली आदि से हमला करते हुए संसद भवन में प्रवेश करने का प्रयास किया, आयोग ने कहा।
पुलिस द्वारा माइकिंग कर समझाने पर भी भीड़ नहीं मानी, इस कारण बल प्रयोग किया गया, यह जानकारी जिला प्रहरी परिसर काठमाडौं के ऑपरेशन इन्चार्ज सुंदर तिवारी और अन्य पुलिस अधिकारियों के हवाले से आयोग ने दी है।





