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आन्दोलन में मिथ्या सूचना फैलाने में डिस्कॉर्ड निर्णायक, ऐसा था संवाद


११ चैत, काठमाडौं। भदौ २३ र २४ गते हुए जेनजी आन्दोलन की तैयारी और संचालन में डिस्कॉर्ड प्लेटफार्म निर्णायक साबित हुआ है, ऐसा जाँचबुझ आयोग ने बतलाया है।

आयोग ने मिथ्या सूचना और घुसपैठ के जोखिम को लेकर विशेष घटना विश्लेषण प्रस्तुत किया है। आन्दोलन के दौरान हॉस्टल में बलात्कार होने और मृतकों की संख्या बढ़ा-चढ़ा कर बताई गई ऐसी गलत सूचनाएँ फैलायी गईं, जिससे भीड़ में उत्थान उत्पन्न हुआ, यह बात रिपोर्ट में उल्लेखित है।

आन्दोलनकारियों ने भी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और अन्य स्वार्थ समूहों की घुसपैठ की संभावना व्यक्त की थी।

इस आन्दोलन के दौरान मुख्य रूप से युवा हव और युथ अगेंस्ट करप्शन नामक डिस्कॉर्ड सर्वर इस्तेमाल किए गए थे। युवा हव नामक सर्वर २२ गते से सक्रिय था। उस सर्वर से विभिन्न स्थानों के नाम लेकर विभिन्न उद्देश्यों के लिए चैनल बनाए गए थे।

इसी तरह, युथ अगेंस्ट करप्शन नामक डिस्कॉर्ड सर्वर का एडमिन ‘हामी नेपाल’ था।

उन सर्वरों पर हुए संवादों को भी जाँचबुझ आयोग ने प्रस्तुत किया है।