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सामाजिक मीडिया लत मामले में मेटा और यूट्यूब दोषी, 30 लाख डॉलर जुर्माने का आदेश


12 चैत्र, काठमांडू। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की एक जूरी ने सामाजिक मीडिया प्लेटफ़ॉर्म मेटा और यूट्यूब को एक युवती को जानबूझकर लत लगाने और उसके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने का दोषी ठहराया है।

मेटा और यूट्यूब को अपने प्लेटफ़ॉर्म्स के जोखिमों के बारे में उपयोगकर्ताओं को चेतावनी देने में विफल रहने और इसके कारण उपयोगकर्ताओं को गंभीर नुकसान होने का दोषी माना गया है।

सीएनएन के अनुसार, यह मामला 20 वर्षीय कैलिफोर्निया की एक युवती (काल्पनिक नाम ‘केली’) और उसकी मां द्वारा दायर किया गया था। उन्होंने मेटा, यूट्यूब, टिकटॉक और स्नैप इंक के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। इसके आरोपों में कहा गया कि इनके प्लेटफ़ॉर्म्स ने बचपन से ही उन्हें आकर्षित कर लत लगाई, जिसके कारण चिंता, शरीर के प्रति असंतोष और आत्महत्या के विचार पैदा हुए। खबरों के मुताबिक, टिकटॉक और स्नैप पहले ही इस मुकदमे को सुलझा चुके हैं।

मेटा और यूट्यूब को कुल 30 लाख डॉलर का क्षतिपूर्ति भुगतान करने का आदेश सुनाया गया है। जूरी ने यूट्यूब को 9 लाख डॉलर और मेटा को 21 लाख डॉलर का भारी जुर्माना देने का फरमान जारी किया है। जूरी ने इस मामले में मेटा को 70 प्रतिशत और यूट्यूब को 30 प्रतिशत जिम्मेदार ठहराया है।

सात सप्ताह तक चली सुनवाई के बाद जूरी ने आठ दिनों से अधिक चर्चा कर यह निर्णय सुनाया। अदालत में केली ने बताया कि सोशल मीडिया की लत अभी भी उसके दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है; काम के दौरान भी छुपकर फोन इस्तेमाल करना पड़ता है और अपनी छवि बदलने के लिए घंटों तक फ़िल्टर का उपयोग करती है।

अपील की तैयारी

मेटा और यूट्यूब ने इस आदेश के खिलाफ असहमति जताते हुए पुनर्विचार के लिए अपील करने की घोषणा की है। मेटा का कहना है कि किशोर मानसिक स्वास्थ्य एक जटिल विषय है जिसे किसी एक ऐप से जोड़ना गलत है। वहीं, यूट्यूब ने कहा है कि उनका प्लेटफ़ॉर्म जिम्मेदारी से बनाया गया है।

सीएनएन के अनुसार, यह केस सामाजिक मीडिया कंपनियों के खिलाफ अब तक दर्ज लगभग 1,500 मामलों में पहला है जो पूर्ण सुनवाई तक पहुँचा है। इस फैसले से आने वाले मामलों के नतीजों पर असर पड़ेगा। लगातार ऐसे मुकदमों में हार के कारण ये कंपनियां अरबों डॉलर का जुर्माना अदा करने और अपने प्लेटफ़ॉर्म्स में बड़े सुधार करने के लिए बाध्य हो सकती हैं।

पहले न्यू मैक्सिको में भी एक जूरी ने मेटा को बच्चों को यौन अपराधियों से बचाने में विफल रहने का दोषी ठहराया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय सोशल मीडिया के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। अभिभावक और अधिकारकर्मी लंबे समय से बच्चों की सुरक्षा के लिए कठोर नियमों की मांग कर रहे हैं। अब इस फैसले के बाद अमेरिका की संसद में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नए कानून बनने के दबाव में वृद्धि होने की संभावना है।