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ओली–लेखक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने मांगा लिखित आदेश

समाचार सारांश

OK AI द्वारा निर्मित। सम्पादकीय समीक्षा गरिएको।

  • सरकार ने जेनजी आंदोलन के दमन के संबंध में आयोग की रिपोर्ट लागू करने का निर्णय लिया है।
  • पुलिस ने रिपोर्ट के कार्यान्वयन के लिए सरकार से लिखित आदेश मांगा है।
  • गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने सुरक्षा एजेंसियों के उच्च अधिकारीयों के साथ मध्यरात्रि तक चर्चा की है।

14 चैत्र, काठमांडू। जेनजी आंदोलन के दमन के मामले में जांच आयोग की रिपोर्ट लागू करने के लिए पुलिस ने सरकार से लिखित आदेश की मांग की है।

नई सरकार बनने के तुरंत बाद हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में गौरीबहादुर कार्की के नेतृत्व में बने आयोग की रिपोर्ट लागू करने का फैसला किया गया था।

इसके बाद गृह मंत्री सुधन गुरुङ लगातार सुरक्षा एजेंसियों के उच्च अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री गुरुङ ने मध्यरात्रि तक सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों और सरकारी कर्मचारियों के साथ चर्चा की है।

वर्तमान में वे पुलिस महानिरीक्षक दान बहादुर कार्की, सशस्त्र पुलिस के आईजीपी राजु अर्याल, गृह सचिव राजकुमार श्रेष्ठ, सशस्त्र पुलिस के एआईजी गणेश ठाडा मगर, और उपत्यका पुलिस के एआईजी ईश्वर कार्की सहित चर्चा में शामिल हैं।

साथ ही, कानूनी सचिव पाराश्वर ढुंगाना भी इस चर्चा में मौजूद थे।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कहा है कि बिना लिखित आदेश आवश्यक गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया जा सकता। इसके बाद सचिव ढुंगाना मुख्यालय से निकले हैं और उन्हें हाल ही में मंत्रालय पहुंचते देखा गया है।

गृह मंत्री गुरुङ ने कल शाम नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस के आईजीपी के साथ चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया था।

इसी बीच, आज सरकार ने अपने पहले निर्णय में ही जेनजी आंदोलन के दमन से संबंधित जांच आयोग की रिपोर्ट लागू करने का फैसला किया है।

इस निर्णय के बाद पुलिस और सशस्त्र पुलिस की सभी इकाइयों को सतर्क रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।