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रवि लामिछाने के मामले में संशोधन विरोधी बहस सुप्रीम कोर्ट में संपन्न

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने के मामले में संशोधन से जुड़ा प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में बहस पूरी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विनोद शर्मा और अब्दुल अजीज मुसलमान की संयुक्त पीठ में यह बहस हुई। पूर्व महान्यायुक्त सविता भण्डारी ने लामिछाने के खिलाफ मामले संशोधित करने के लिए जिला सरकारी अभियोजन कार्यालय को निर्देश दिया था। १५ चैत्र, काठमांडू।

आज बहस की शुरुआत लामिछाने के पक्ष से पूर्व महान्यायुक्त और वरिष्ठ अधिवक्ता रमणकुमार श्रेष्ठ ने की। उनके बहस के बाद याचिकाकर्ता पक्ष की जवाबी बहस पेश की गई। ‘‘बहस समाप्त हो गई है, न्यायाधीश निर्णय के लिए विचार कर रहे हैं,’’ सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता अर्जुनप्रसाद कोइराला ने जानकारी दी।

पूर्व महान्यायुक्त सविता भण्डारी बराल ने लामिछाने के खिलाफ काठमांडू, कास्की, पर्सा और रूपन्देही जिला अदालतों में दर्ज संगठित अपराध और संपत्ति शुद्धिकरण से जुड़े मामलों को संशोधित करने के लिए जिला सरकारी अभियोजन कार्यालय को निर्देश दिया था। भण्डारी के इस निर्णय के खिलाफ वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी, कानून के छात्र आयुष बडाल और सिन्धुली के युवराज पौडेल ‘सफल’ ने रिट दायर की थी। गत पौष ३० को भण्डारी ने केवल सहकारी ठगी के मामले में ही लामिछाने पर मुकदमा चलाने के लिए सम्बद्ध जिला सरकारी अभियोजन कार्यालय को पत्र द्वारा निर्देशित किया था।