Skip to main content

बर्ड फ्लू के खतरे के कारण भारतीय सीमा पर कड़ी सतर्कता

बाँके के नेपालगंज में बर्ड फ्लू के खतरे के मद्देनजर भारत से कुखुर के चल्ले और सफेद अंडे लाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पशु क्वारंटाइन कार्यालय दैनिक 20 से 25 भारतीय ब्रोइलर नष्ट कर रहा है। सरकार आंतरिक परिवहन में सख्ती बरत रही है और खुली सीमा क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। 16 चैत, नेपालगंज।
खुली सीमा वाले बाँके के नेपालगंज और आसपास के क्षेत्रों में बर्ड फ्लू का खतरा देखते हुए यहां उच्च सतर्कता बनाए रखी गई है। जिले से जुड़े नाकों पर अवैध रूप से भारत से लाए जा रहे चल्ले को पशु क्वारंटाइन कार्यालय, बाँके के प्रमुख डॉ. हरेराम यादव के अनुसार दैनिक नष्ट किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अभी तक बर्ड फ्लू नहीं पाया गया है, लेकिन कुखुर के चल्ले और सफेद अंडे लाने पर रोक है। उन्होंने कहा, ‘खुली सीमा क्षेत्र में कुखुर के चल्ले और अंडे लाने वाले सक्रिय होते हैं, लेकिन पुलिस देख लेने पर वे भाग जाते हैं।’
सरकार ने भारत से कुखुर के चल्ले या सफेद अंडे नेपाल लाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। डॉ. यादव ने आंतरिक परिवहन में कड़ी निगरानी और नियंत्रण की बात कही और कुखुर के आयात-निर्यात में सख्ती का भी उल्लेख किया। पशु क्वारंटाइन कार्यालय के अनुसार जिले में रोजाना 20 से 25 भारतीय ब्रोइलर नष्ट किए जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘विभाग से स्पष्ट निर्देश मिले हैं और हम पूरी तरह सतर्क हैं। तराई से जुड़े खुले सीमावर्ती इलाकों में बर्ड फ्लू का खतरा मौजूद है।’ कार्यालय नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, डॉ. यादव ने बताया।
नेपालगंज के भेटरिनरी अस्पताल तथा पशु सेवा विशेषज्ञ केंद्र के वरिष्ठ पशु विकास अधिकारी डॉ. गणेशबहादुर पुन ने भी चल्ले के आयात में उच्च सतर्कता बरतने की जानकारी दी। जिले में सुइया, बगौंडा, खडैंचा, जमुनाह जैसे कई खुले सीमा नाके स्थित हैं।