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संसद अधिवेशन: प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक और बालेन के संभावित संबोधन

नई निर्वाचन के बाद गुरुवार दोपहर आयोजित होने वाली प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक के दृश्य संख्या और चेहरे के हिसाब से पिछले कुछ दशकों से अलग दिख रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि प्रारंभिक बैठक के एजेंडों में नवीनता नहीं होगी। इस बार 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में से 182 सांसद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) से निर्वाचित हुए हैं, जो पार्टी पिछली आम चुनाव से ठीक पहले स्थापित हुई थी। जनता से मजबूत जनादेश प्राप्त कर उक्त दल संसद में प्रवेश कर रहा है, इसलिए प्रतिनिधि सभा के एक पूर्व महासचिव का कहना है कि संसद के भीतर संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी सत्ताधारी दल के नेतृत्व पर निर्भर करेगी।

पाँच वर्षों के कार्यकाल वाली नई प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू होने के उसी दिन गुरुवार को राष्ट्रीय सभा का अधिवेशन भी प्रारंभ हो रहा है, जिसमें रास्वपा के जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं हैं। दोपहर 2 बजे के लिए बुलाई गई प्रतिनिधि सभा की बैठक में संभावित 8 कार्यसूचियां संसद सचिवालय ने सार्वजनिक की हैं। राष्ट्रीय गान से प्रारंभ होने वाली बैठक में सभापति की भूमिका निभाने के लिए वरिष्ठ सदस्य अर्जुन नरसिंह केसी राष्ट्रपति कार्यालय से भेजे गए अधिवेशन आवाहन संबंधी पत्र को पढ़ेंगे और सुनाएंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री की नियुक्ति और मंत्रिपरिषद गठन से संबंधित जानकारी सदन को दी जाएगी। प्रतिनिधि सभा नई नियमावली बनाने तक के लिए २०७९ साल की नियमावली के अनुसार कार्यवाही करेगी, यह प्रस्ताव स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, पूर्व के अधिवेशनों की तरह सभापति की अनुपस्थिति में बैठक की अध्यक्षता करने वाले सांसदों को नामित करना और दलवार आधार पर वक्तव्य रखने का कार्यक्रम भी शामिल है।

बैठक में आगामी 22 तारीख को आयोजित होने वाले सभापति चुनाव की तिथि निर्धारित करने का संभावित एजेंडा भी उल्लेखित है। इसके बाद गृह मंत्री सुदन गुरुङ शुशीला कार्की नेतृत्व वाली चुनावी सरकार द्वारा प्रस्तुत तीन अधिनियम प्रस्तुत करेंगे। साथ ही दिवंगत पाँच पूर्व सांसदों के प्रति शोक प्रस्ताव पारित करने का एजेंडा भी बैठक में शामिल है।