देउवा दंपती के खिलाफ ‘रेड नोटिस’ प्रक्रिया में इंटरपोल ने मांगे अतिरिक्त दस्तावेज़

समाचार सारांश
- इंटरपोल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा और उनकी पत्नी आरजु राणा देउवा के खिलाफ रेड नोटिस जारी करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज़ मांगे हैं।
- पिछले चैत २४ को काठमांडू जिला अदालत ने देउवा दंपती के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
- देउवा दंपती १४ फागुन को इलाज के लिए विदेश गए थे और अब तक नेपाल नहीं लौटे हैं।
२३ वैशाख, काठमांडू। पूर्व प्रधानमंत्री एवं नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा और उनकी पत्नी पूर्व विदेश मंत्री डॉ. आरजु राणा देउवा के खिलाफ रेड नोटिस जारी करने के लिए इंटरपोल ने अतिरिक्त दस्तावेज़ों की मांग की है।
पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, इंटरपोल ने आवश्यक अतिरिक्त दस्तावेज़ों के विवरण नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी), काठमांडू से मांगे हैं।
“रेड नोटिस की प्रक्रिया जारी है। इंटरपोल ने आवश्यक अतिरिक्त दस्तावेज़ों की मांग की है,” एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया।
पिछले चैत २४ को काठमांडू जिला अदालत ने संपत्ति शुद्धिकरण अनुसंधान विभाग की सूचना के आधार पर देउवा दंपती के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही उन्हें नेपाल लाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
रेड नोटिस के लिए एनसीबी काठमांडू ने आधिकारिक तौर पर इंटरपोल को पत्राचार किया था, लेकिन इंटरपोल ने दस्तावेजों के अभाव का हवाला देते हुए रेड नोटिस जारी नहीं किया है।
जब गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ, तब देउवा दंपती विदेश में थे। चुनाव के पूर्व संध्या १४ फागुन को वे इलाज के लिए सिंगापुर गए थे और फिर ७ चैत को हांगकांग पहुंचने की जानकारी मिली है।
पहले भी जनजातीय आंदोलन के बाद इलाज के लिए सिंगापुर गए देउवा दंपती उपचार के बाद लौटे थे।
लेकिन इस बार १४ फागुन को देश छोड़ने के बाद वे अभी तक नेपाल वापस नहीं आए हैं। सूत्रों के अनुसार वे अभी भी हांगकांग में ही हैं।
यदि रेड नोटिस जारी हो जाता है, तो इंटरपोल के १९६ सदस्य देशों में देउवा दंपती की गिरफ्तारी की जा सकती है और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें नेपाल लाया जा सकता है।
गिरफ्तारी वारंट के बाद देउवा ने एक बयान जारी कर खुद को खुली किताब बताया था। उन्होंने संपत्ति संबंधित मामलों को गुमराह करने वाला और झूठा करार दिया था एवं अपनी संपत्ति के विवरण सरकारी एजेंसियों के समक्ष सार्वजनिक पद धारण करते हुए प्रस्तुत करने का उल्लेख किया था।
इलाज के लिए विदेश जाने की बात उन्होंने कही, लेकिन अपनी वर्तमान स्थिति के बारे में कोई विवरण नहीं दिया।
शेरबहादुर देउवा के रिश्तेदार प्रदीप शमशेर जबरा, भूषण राणा, जयवीर देउवा समेत के कारोबार के बारे में भी जांच चल रही है।
पहले भी देउवा की पत्नी आरजु राणा पर नकली भूटानी शरणार्थी मामले में आरोप लगे थे।
शेरबहादुर देउवा ने बुढानीलकण्ठ में अपने परिसर में दो मकान बनाए थे, जहां वे जनजातीय आंदोलन के समय थे। उस दौरान देउवा दंपती पर हमला हुआ और मकान में आगजनी की भी घटना हुई।
पिछले २३ और २४ भदौ को जनजातीय आंदोलन के दौरान देउवा निवास में जलाए गए नोट्स पाए गए थे और एक वीडियो भी सार्वजनिक हुआ था।
संपत्ति शुद्धिकरण अनुसंधान विभाग ने इस विषय पर मुचलका लेकर जांच शुरू कर दी है।





