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मोहनविक्रम सिंह का दावा- जेनजी आंदोलन को स्वतंत्र तिब्बत समर्थकों ने हाईजैक किया

२१ चैत्र, काठमांडू। नेकपा मसाल के महामंत्री मोहन विक्रम सिंह ने भाद्र मास में हुए जेनजी आंदोलन को स्वतंत्र तिब्बत समर्थक और अमेरिका द्वारा संचालित तत्वों ने ‘हाईजैक’ करने का दावा किया है। शनिवार को राष्ट्रीय जनमोर्चा द्वारा काठमांडू में आयोजित ‘चुनाव का मूल्यांकन एवं नेपाल की विदेश नीति के बीच संबंध’ विषयक वार्ता कार्यक्रम में सिंह द्वारा प्रस्तुत अवधारणापत्र में यह बात कही गई है।

अवधारणापत्र में जेनजी आंदोलन को भ्रष्टाचार विरोधी और सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंधों के खिलाफ एक सही और न्यायसंगत आंदोलन बताया गया है। सिंह ने कहा, ‘‘यह आंदोलन एक स्वतःस्फूर्त, असंगठित तथा किसी नीति, कार्यक्रम और नेतृत्व से रहित था। इस आंदोलन का उपयोग कई घरेलू एवं विदेशी शक्तियों ने अपने स्वार्थ के लिए करने का प्रयास किया।’’

सिंह ने कहा कि इस संदर्भ में अमेरिका सबसे आगे दिखा। ‘‘यह आंदोलन स्पष्ट रूप से जेनजी लोगों का आंदोलन था, लेकिन व्यवहार में यह आंदोलन २८ वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों ने हाईजैक किया और वे लोग स्वतंत्र तिब्बत समर्थक या अमेरिका के परिचालित तत्व ही थे,’’ उन्होंने स्पष्ट किया। उन्होंने आगे कहा कि ये लोग लंबे समय से अमेरिका की नेपाल के प्रति रणनीति को पूरा करने में लगे हुए हैं।

‘‘इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए जेनजी के स्वतःस्फूर्त आंदोलन को हाईजैक किया गया था। उस रणनीति का उद्देश्य क्या था? यह स्पष्ट होने के बाद नेपाल की तत्कालीन प्रतिनिधि सभा का विघटन क्यों किया गया और नए चुनाव क्यों कराए गए? यह भी स्पष्ट होगा,’’ उन्होंने कहा। फाल्गुन २१ को हुए चुनाव को उन्होंने वर्तमान देश की आवश्यकता के अनुरूप नहीं बताया।