
२१ चैत, काठमांडू। राष्ट्रीय समाचार समिति (रासस) के निवर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेन्द्र झा द्वारा रचित मैथिली भाषा की यात्रा संस्मरण ‘जगन्मुक्ति’ का लोकार्पण किया गया है। यह पुस्तक गण्डकी प्रदेश के मुख्यमंत्री सुरेन्द्रराज पाण्डे ने नेपाल पत्रकार महासंघ बागलुङ द्वारा आयोजित ‘बागलुङ मीडिया मेला, २०८२’ में जारी की है।
साहित्य क्षेत्र में विह्वल उपनाम से परिचित धर्मेन्द्र झा ने हिन्दू और बौद्ध धर्मावलम्बियों के साझा तीर्थस्थल हिमालपार की मुस्ताङ जिल्लास्थित मुक्तिनाथ से समुद्र तट स्थित जगन्नाथ तक की यात्रा को इस पुस्तक में समेटा है। मुक्तिनाथ पर मैथिली भाषा में लिखित यह पहली पुस्तक ‘जगन्मुक्ति’ है, जिसके बारे में उन्होंने बताया कि यह मैथिली भाषी पाठकों को मुक्तिनाथ के विषय में जानने और समझने में मदद करेगी।
हाल ही में मुक्तिनाथ दर्शन के लिए मैथिली भाषी लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है, उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘प्रत्येक मिथिलावासी के घर में शालग्राम की पूजा होती है। मुक्तिनाथ शालग्राम का प्रमुख केंद्र है।’ यात्रा के दौरान देखे गए विभिन्न विषयों को इस पुस्तक के कुल १०२ पृष्ठों में समेटा गया है, साथ ही महत्वपूर्ण विभिन्न तस्वीरें भी सम्मिलित की गई हैं। झा की इससे पूर्व की प्रकाशित कृतियों में ‘रस्ता तकैत जिनगी’, ‘एक सृष्टि एक कविता’, ‘एक समयक बात्’, ‘शहरक भीड़मे एसगर हम’, ‘व्योमक ओहि पार’, ‘मिथिला मिथक’, ‘नेपालीय मैथिली छापा पत्रकारिताको इतिहास’, ‘भ्रमरका उत्कृष्ट नाटकहरू’ (अनुवाद), ‘गोनु झाका कथाहरू’ शामिल हैं।





