वाटर फ्रन्ट होटल ने फेवा ताल की जमीन का अतिक्रमण नहीं किया: कर्ण शाक्य का दावा

पर्यटन उद्योग से जुड़े कर्ण शाक्य ने पोखरा के लेकसाइड में संचालित अपने होटल पर फेवा ताल की जमीन का अतिक्रमण नहीं करने का दावा किया है। पोखरा महानगरपालिका ने फेवा ताल के क्षेत्राधिकार में आने वाले इस होटल की संरचना हटाई है और चूंकि अदालत ने स्टे आदेश नहीं दिया था, इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। नई सरकार ने अपनी १०० दिनों की कार्ययोजना में फेवा ताल के अवैध निर्माणों को हटाने की योजना अपनाई है, जिसे महानगरपालिका द्वारा लागू किया जा रहा है।
२२ चैत्र, काठमाडौँ। शनिवार को महानगरपालिका द्वारा होटल की संरचना हटाए जाने के बाद, कर्ण शाक्य ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई नियम उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने कहा, ‘जमीन का कोई अतिक्रमण नहीं किया गया है। पासबुक उपलब्ध है, नक्शा पास हो चुका है। पर्यटन विभाग से लाइसेंस लिया गया है। उद्योग विभाग का प्रमाणपत्र भी प्राप्त है। राष्ट्र बैंक से इजाजतपत्र भी है। हम हर वर्ष कर चुकाते हैं, और कोई बैंक ऋण भी नहीं है।’
शाक्य ने लेकसाइड में वाटर फ्रन्ट होटल संचालित किया था। शनिवार को महानगरपालिका ने कहा कि होटल की कुछ संरचनाएँ फेवा ताल के संरक्षण क्षेत्र में आती हैं, इसलिए उन्हें हटाया गया है। शाक्य को किसी भी सूचना के बिना संरचनाओं को हटाए जाने पर असंतोष भी है। हालांकि, महानगरपालिका पहले ही इस क्षेत्र में नए निर्माणों को रोकने और मौजूद संरचनाओं को हटाने का अनुरोध कर चुकी थी। फेवा ताल की सुरक्षा हेतु ६५ मीटर की मापदण्ड निर्धारित की गई है और अदालत ने संबंधित आदेश भी जारी कर दिया है।





