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आईजीपी आर्याल ने सीमा सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में कड़ा निर्देश दिया

२२ चैत, धनगढ़ी। सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल की महानिरीक्षक (आईजीपी) राजु आर्याल ने सीमा क्षेत्रों में होने वाले अपराध, तस्करी और सुरक्षाकर्मियों पर हमलों के प्रति शून्य सहनशीलता अपनाने का निर्देश दिया है। कैलाली के अत्तरिया में रविवार को आयोजित सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल नंबर ७ वैद्यनाथ बाहिनी के २५वीं स्थापना दिवस समारोह में संबोधित करते हुए आईजीपी आर्याल ने कहा कि अपराध और चोरी एवं तस्करी में संलग्न किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘अपराधी और तस्करों को माया नहीं करनी है, कानून द्वारा कड़ी कार्रवाई करनी है।’

उन्होंने कैलाली के खक्रौला स्थित सशस्त्र प्रहरी के बीओपी में प्रवेश कर तत्कालीन डीएसपी प्रदीप पौडेल सहित सुरक्षाकर्मियों पर हुए हमले जैसी घटनाओं को पुनः न होने देने का उल्लेख करते हुए कड़ा निर्देश दिया। इस मामले को सशस्त्र पुलिस ने गंभीरता से लिया है और आर्याल ने स्पष्ट किया कि इस तरह की परिस्थितियों में कानून बल प्रयोग करने से रोकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल की इकाइयों में घुसकर लूटपाट, हथियार छीनने या सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने वालों के विरुद्ध तत्काल कड़ी प्रतिक्रिया करनी होगी।

आईजीपी आर्याल ने कहा, ‘सीमा सुरक्षा स्थल गुल्म खक्रौला के अंदर गैरकानूनी गतिविधि हुई है। संगठन इसे गंभीरता से देख रहा है। ऐसी परिस्थिति में बल प्रयोग करने में कानून आपको प्रतिबंधित नहीं करता। हथियार लूटने या डाका डालने वालों का प्रतिवाद करना आवश्यक है। चाहे जिंदगानी जोखिम में पड़े, कानून ने इसका खुला निर्देश दिया है।’ उन्होंने खक्रौला जैसी घटनाओं के पुनरावृत्ति पर सावधानी बरतने की बात कही और कहा कि घटना के समय रमिते होकर फोटो खींचने वाले सशस्त्र पुलिस कर्मियों को निलंबित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खक्रौला में सामान बरामदगी के विवाद के दौरान एक समूह ने बीओपी के अंदर घुसकर डीएसपी प्रदीप पौडेल सहित सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया था। इस घटना के बाद डीएसपी समेत उस वक्त बीओपी में मौजूद सभी की हट क्वार्टर में तलब कर जांच शुरू की गई है। वैद्यनाथ बाहिनी के स्थापना दिवस पर आईजीपी आर्याल ने २१ फागुन को सम्पन्न प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन को शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने में निभाई गई भूमिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

उन्होंने सशस्त्र पुलिस के मुख्य कार्यादेश—सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, राजस्व चोरी नियंत्रण और आपदा प्रबंधन में अतुलनीय योगदान की भी सराहना की। गोदावरी नगरपालिका–१ में स्थित सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल नंबर ७ वैद्यनाथ बाहिनी की स्थापना को रविवार को २५ वर्ष पूरे हो गए। बाहिनी की स्थापना २२ चैत २०५८ में हुई थी। स्थापना दिवस के विशेष समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ उपरीक्षक (एसएसपी) दिग विजय सुवेदी ने की जबकि मुख्य अतिथि आईजीपी आर्याल रहे। इस अवसर पर बाहिनी ने विभिन्न प्रदेशों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सशस्त्र पुलिस कर्मियों को प्रशंसापत्र सहित सम्मानित भी किया।