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जर्मनी में रोमन ‘कल्ट’ स्थल मिला, मानव बलि के संकेत मिले


जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर (प्राचीन नाम: निडा) के नीचे एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रहस्यमय रोमन धार्मिक स्थल खोजा गया है। इस खोज से प्राचीन रोमन युग के जर्मनी में प्रचलित धार्मिक विधियों और मानव बलि से जुड़ी भयानक परंपराओं के बारे में नई जानकारी मिलने की उम्मीद है, यह विश्वास विद्वानों को है।

जर्मन रिसर्च फाउंडेशन और स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन ने इस स्थल के व्यापक अध्ययन के लिए हाल ही में 10 लाख यूरो से अधिक का कोष स्वीकृत किया है।

यह पुरातात्विक स्थल सन् 2016 से 2022 के बीच फ्रैंकफर्ट के ‘रोमर स्टाडस्कुल’ विद्यालय भवन निर्माण के दौरान मिला था। चार हजार पांच सौ वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले इस स्थल को रोमन काल से संरक्षित बताया गया है।

उत्खनन के दौरान एक कुएं के भीतर मानव कंकाल मिला है। इसके साथ ही वहां देवी डायना की कांस्य प्रतिमा और 9 सितंबर, 246 ईस्वी संवत् का एक शिलालेख भी प्राप्त हुआ है। कुएं के अंदर कंकाल और धार्मिक सामग्री के साथ मिलने से यह संभावना जताई जा रही है कि वहां ‘मानव बलि’ दी गई होगी, जो इस क्षेत्र के लिए एक दुर्लभ घटना है।

इस परिसर में 11 पत्थर के भवन और 70 से अधिक गहरे गड्ढे भी पाए गए हैं। यहां जुपिटर, मरकरी, डायना और एपोलो जैसे कई देवताओं की पूजा की जाती थी, ऐसा संकेत मिलता है।

गड्ढों में मछली, पक्षी और अन्य जानवरों की हड्डियां और पौधों के अवशेष बड़ी संख्या में मिले हैं। इससे यह पुष्टि होती है कि देवताओं को बलि चढ़ाने के बाद सामूहिक रूप से ‘धार्मिक भोज’ का आयोजन किया जाता था।

दीवारों पर बने रंगीन चित्रों के टुकड़े और खिड़की-दरवाज़ों में प्रयुक्त धातु की सामग्री यह दर्शाती हैं कि यह मंदिर अत्यंत भव्य और सजा हुआ था।

फ्रैंकफर्ट के ‘निडा’ शहर की स्थापना 70 के दशक में सैन्य क्षेत्र के रूप में हुई थी और लगभग ईस्वी 280 के आस-पास यह पुरानी नगरी खाली कर दी गई थी। बासेल विश्वविद्यालय और गोएथे विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ अब अगले तीन वर्षों तक इसकी गहन अध्ययन करेंगे।

फ्रैंकफर्ट की सांस्कृतिक आयुक्त डॉ. इना हार्टविग के अनुसार, यह खोज पूरे यूरोप के लिए एक अद्वितीय पुरातात्विक उपलब्धि है। यह रोमन साम्राज्य के उत्तर-पश्चिमी प्रांतों में धर्म और सत्ता के बीच के सन्तुलन पर प्रकाश डालेगी।