
२२ चैत, काठमाडौं। प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालय ने ‘संविधान संशोधन बहसपत्र’ तैयार करने के लिए गठित कार्यदल वर्तमान में सक्रिय रूप से कार्यरत है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन) के नेतृत्व वाली सरकार ने चैत १३ गते को जारी की गई ‘शासकीय सुधार सम्बन्धी एक सौ बुँदे कार्यसूची’ के बुँदा संख्या ४ के अंतर्गत इस कार्यदल के गठन की व्यवस्था की थी। इस कार्यसूची में देश के दीर्घकालीन राजनीतिक एवं संस्थागत सुधार तथा चुनाव प्रणाली जैसे विषयों पर राष्ट्रीय सहमति बनाने हेतु प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालय को ७ दिन के भीतर कार्यदल गठित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही बहस प्रक्रिया को सहभागिता आधारित, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के अनुसार, चैत १६ गते मंत्री परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार असिम शाह की संयोजकता में उक्त कार्यदल गठन का निर्णय लिया गया था। इस कार्यदल में संघीय संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले राजनीतिक दलों द्वारा नामित एक-एक प्रतिनिधि, प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालय के कानूनी एवं मानव अधिकार विभाग के सचिव, नेपाल कानूनी आयोग के सचिव तथा प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालय के कानूनी एवं फैसला कार्यान्वयन विभाग के सहसचिव सदस्य–सचिव शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री के प्रेस एवं अनुसन्धान अधिकारी दीपा दाहाल के अनुसार, कार्यदल सदस्यों के नाम के लिए राजनीतिक दलों को पत्राचार किया जा चुका है और दलों से नाम प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। सदस्यों के चयन होते ही इसी सप्ताह भीतर कार्यदल की बैठक आयोजित करने की तैयारी है। उस बैठक में सदस्यों से उनके विचार और सुझाव संकलित किए जाएंगे। इसके बाद कार्यदल पूर्व राष्ट्रपति, संविधानविद्, कानूनी विशेषज्ञ, पूर्व प्रधानन्यायाधीश, संचार माध्यम, धार्मिक संस्थान, निजी क्षेत्र, नए पीढ़ी के नेता और स्थानीय तह के प्रतिनिधियों के साथ क्रमिक और व्यापक चर्चा करके संविधान संशोधन बहसपत्र को अंतिम रूप देगा।





