Skip to main content

सात दिनों में निवेशकों ने खोया साढ़े ४ खरब, बाजार की गिरावट कहाँ थमेगी?

समाचार सारांश नए सरकार के गठन के बाद से शेयर बाजार नेप्से ९.५९ प्रतिशत (२८४ अंक) घटकर २६७६ अंक पर पहुंच गया है। संपत्ति शुद्धिकरण जांच के तहत बड़े व्यवसायियों पर की गई कार्रवाई ने बाजार पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाला है। निवेशक पूंजी बाजार सुधार के लिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं। २२ चैत, काठमांडू। नई सरकार के गठन के बाद से शेयर बाजार भयभीत हो गया है, जिसके कारण मात्र एक सप्ताह के भीतर शेयर सूचकांक नेप्से में ९.५९ प्रतिशत (२८४ अंक) की गिरावट आई है। इस अवधि में निवेशकों की संपत्ति का मूल्य लगभग ४ खरब ५० अरब रुपये कम हुआ है। सरकार के गठन से पहले नेप्से २९६० अंक पर था। पिछले रविवार से शुरू हुई गिरावट के बाद कारोबार के बाद नेप्से २६७६ अंक पर आ गया है। इससे पहले शेयर बाजार में कुल पूंजीकरण ५० खरब रुपये था जो अब ४५ खरब ५० अरब में आ गया है। नेपाल स्टॉक एक्सचेंज (नेप्से) सूचकांक रविवार को अकेले ३.७९ प्रतिशत (१०५ अंक) गिरा है। बाजार में बड़ी गिरावट के बाद सभी दल चिंतित हैं। कई निवेशक भारी नुकसान सहते हुए शेयर बेचने को मजबूर हुए हैं। अब बाजार गिरने का मुख्य कारण सरकार की ओर से व्यवसायियों पर की गई कार्रवाई है। कुछ व्यवसायियों की संपत्ति रोक दी गई है जबकि कुछ गिरफ्तार भी हुए हैं। इससे बाजार में मनोवैज्ञानिक असर पड़ा है। स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ नेपाल के पूर्व अध्यक्ष नरेन्द्र सिजापति कहते हैं, ‘सम्पत्ति शुद्धिकरण जांच के कारण बड़े व्यवसायियों पर कार्रवाई हुई तो अन्य भी डर गए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘बड़े व्यवसायी बड़ी मात्रा में शेयर रखते हैं, संभव है वे बिक्री बढ़ा रहे हों।’ संपत्ति शुद्धिकरण जांच राज्य का नियमित कार्य है इसलिए इसे लेकर शेयर बाजार में अतिरंजन और भय फैलाना उचित नहीं है। मनोविज्ञान के आधार पर बाजार में गिरावट आई है लेकिन गिरावट से अन्य निवेशक भी बेचने को मजबूर हुए हैं, सिजापति ने बताया। सरकार शेयर बाजार के खिलाफ नहीं बल्कि सुशासन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने पूंजी बाजार को पारदर्शी और सुशासनयुक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताई है फिर भी बाजार नियंत्रण में नहीं आ पाया है। शेयर बाजार के बड़े निवेशकों ने भी संपत्ति शुद्धिकरण के नाम पर सरकार के निशाने पर रहने की अफवाह से डर फैलने की बात एसोसिएशन के अध्यक्ष सागर ढकाल ने बताई। ढकाल ने कहा, ‘यह डर लंबे समय तक नहीं रहेगा। सरकार जब कानूनी कार्यवाही करती है तो बाजार गिरना ठीक नहीं है। पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव की वजह से असामान्य गिरावट आई है।’ बाजार ज़्यादा नीचे नहीं जाएगा, उनका दावा है। ‘कुछ ही दिनों में बाजार सकारात्मक दिशा लेना शुरू करेगा,’ उन्होंने कहा, ‘सरकार को भी निवेशकों के साथ भरोसा बनाकर पूंजी बाजार सुधार में तेजी लानी चाहिए।’ एक ब्रोकर्स संचालक ने बताया कि शेयर बाजार में खरीद की तरफ कमजोरी के कारण बाजार गिरावट नहीं थम पाई है। उन्होंने कहा, ‘बड़े निवेशकों पर सरकार की कार्रवाई की बात से बाजार में भय फैला है, जिससे बाजार १८०० अंक तक गिरने का डर बढ़ गया है।’ निवेशक और कारोबारी को नियामक अस्थिरता के बीच आश्वस्त नहीं कर पाए हैं, धितोपत्र बोर्ड के अध्यक्ष संतोषनारायण श्रेष्ठ ने कहा, ‘बोर्ड संपत्ति शुद्धिकरण के साथ-साथ निवेशकों के आत्मविश्वास को मजबूत करने पर केंद्रित है।’ उन्होंने बताया कि सरकार ने पूंजी बाजार सुधार के काम तीव्र गति से आगे बढ़ाने निर्देश दिए हैं। शेयर बिक्री के बाद राशि सीधे निवेशक के बैंक खाते में जमा होती है और खरीदारी भी बैंकिंग माध्यम से होती है, इसलिए अवैध धन वैध होने की संभावना नहीं है, एक ब्रोकर्स संचालक ने कहा। उन्होंने कहा, ‘अगर अवैध संपत्ति बैंक में है तो रोकथाम होती है, शेयर या अचल संपत्ति में जाने पर भी रोक लगाई जाती है।’ किसी व्यवसायी की गिरफ्तारी के बाद बाजार में अफवाहें फैलने से निवेशकों का मनोबल कमजोर हुआ है, नेपाल इन्वेस्टर्स फोरम के अध्यक्ष तुलसीराम ढकाल ने बताया। उन्होंने कहा, ‘सम्पत्ति शुद्धिकरण जांच के तहत पूछताछ के लिए व्यवसायी पकड़े गए, इसलिए बाजार का इतना गिरना नहीं चाहिए। शेयर बाजार में पैसों का लेनदेन बैंकिंग प्रणाली से होता है, कैश कारोबार नहीं होता।’ व्यवसायियों पर कार्रवाई के अलावा अन्य कारणों से बाजार गिरने की स्थिति फिलहाल नहीं है। ‘ब्याज दर कम है, निवेश विकल्प नहीं हैं, नीतिगत सुधार हो रहे हैं, वैशाख से मार्जिन कारोबार भी शुरू हो रहा है। मुद्रा संचिति और अन्य आंकड़े अच्छे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘बाजार थोड़े समय में काफी गिरा है लेकिन जल्दी उसी गति से सुधार का मौका होगा।’ कुछ निवेशक आंदोलन कर रहे हैं क्योंकि वे मानते हैं कि सरकार पूंजी बाजार में जरूरी सुधार नहीं कर रही और जनता को आश्वस्त नहीं कर रही। निवेशक संगठन ने सिंहदरबार के दक्षिण गेट पर प्रदर्शन किया था। आंदोलन में शामिल निवेशक तिलक कोइराला ने कहा, ‘अवैध संपत्ति अर्जन या वित्तीय गड़बड़ी हुई तो कार्रवाई हो, पर बाजार लगातार गिरना और सुधार न होना स्वीकार्य नहीं।’ उन्होंने अपने मांगों के लिए संबंधित पक्ष पर दबाव डालने का कहा ताकि पूंजी बाजार सुधार के काम तेज हों। कोइराला ने कहा, ‘शेयर बाजार की तकनीक और प्रणाली सुधारने के लिए बहुत काम करना होगा, सरकार को ध्यान देना चाहिए और बाजार के लिए सकारात्मक संदेश देना चाहिए।’