
२३ चैत, काठमांडू। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तीव्र संघर्ष को रोकने के उद्देश्य से पाकिस्तान ने एक विशेष योजना पेश की है, जिसे ‘इस्लामाबाद समझौता’ नाम दिया गया है। रॉयटर्स के अनुसार, यदि यह योजना सफल होती है तो सोमवार से ही तत्काल युद्धविराम लागू होगा और विश्व के महत्वपूर्ण व्यावसायिक मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पुनः संचालित होगा। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असिम मुल्ला ने रविवार रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी भान्स, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची से बातचीत करने के बाद यह मसौदा तैयार किया है।
इस प्रस्तावित समझौते में दो चरण निर्धारित किए गए हैं। पहले चरण में आज ही से तुरंत युद्धविराम लागू करने और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ खोलने पर सहमति बनी है। दूसरे चरण में अगले १५ से २० दिनों के भीतर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रत्यक्ष वार्ता कर दीर्घकालीन शांति समझौते को अंतिम रूप देने की योजना है। इस व्यापक समझौते में ईरान को परमाणु हथियार निर्माण नहीं करने का वचन देना होगा, जबकि इसके बदले अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाने और रोके गए ईरानी संपत्तियों को मुक्त कराने की शर्त रखेगा।
ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि वे अमेरिका और इज़रायल से भविष्य में पुनः आक्रमण न होने की पूर्ण गारंटी के साथ दीर्घकालीन युद्धविराम चाहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई दिनों से युद्ध समाप्ति के लिए कड़ा दबाव डाला है, वहीं पाकिस्तान, चीन और अन्य क्षेत्रीय मध्यस्थकर्ताओं ने भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई है। अभी तक ईरान और अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कूटनीतिक सूत्रों ने कहा है कि आज ही एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर होने की संभावना प्रबल है। छः सप्ताह से जारी इस युद्ध ने विश्व बाजार में तेल की कीमतों और सुरक्षा क्षेत्र में गंभीर संकट उत्पन्न किया है, जिससे इस कूटनीतिक पहल को अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है।





