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अध्यक्ष धर्मराज भुसाल का अभिभाषण

२३ चैत, काठमाडौं । अनलाइनखबर डटकम (प्रालि) के अध्यक्ष धर्मराज भुसाल ने ५० प्रभावशाली महिलाओं की प्रत्येक कहानी को स्वयं में एक विश्वविद्यालय समान बताया और कहा कि ये प्रभावशाली कार्य इतिहास में सदैव याद रखे जाएंगे। २०८२ साल की प्रभावशाली महिलाओं की सूची प्रकाशित करने के कार्यक्रम में अध्यक्ष भुसाल ने बताया कि महिलाओं को ‘पीड़ित’, ‘निम्न’ या ‘सहयोगी’ के रूप में चित्रित करने का प्रयास असफल रहा। ‘हमारा समाज महिलाओं को लंबे समय तक सिर्फ ‘पीड़ित’, ‘निम्न’ या ‘सहयोगी’ के तौर पर दिखाने की कोशिश करता रहा, लेकिन आज यहां मौजूद ५० चेहरों ने उस पारंपरिक दृष्टिकोण को पूरी तरह से तोड़ दिया है,’ अध्यक्ष भुसाल ने कहा, ‘आप सभी ने पारंपरिक सीमाएं, अभाव और नीतिगत कमजोरियों को तोड़ कर अपनी अलग राह बनाई है।’
‘अनलाइनखबर ५० प्रभावशाली महिला’ अभियान उनके योगदान का सम्मान करने का एक छोटा प्रयास है, अध्यक्ष भुसाल ने बताया। सत्ता के इर्द-गिर्द ही न घूमने बल्कि आम लोगों की मेहनत और संघर्ष को मुख्यधारा में लाना मीडिया का दायित्व है, उनका मानना है। ‘आज के मीडिया का काम केवल राजनेताओं के भाषण रिकॉर्ड करना या नकारात्मक घटनाओं को हेडलाइन बनाना नहीं है। बदलते पत्रकारिता के हालात हमें सवाल करते हैं – क्या हम हमारे समाज की सच्ची तस्वीर दिखा रहे हैं? मीडिया का काम केवल सत्ता और शक्तिशाली लोगों के इर्द-गिर्द नहीं घूमता, बल्कि आम लोगों की मेहनत, संघर्ष और सफलताओं की कहानियां भी सुनाना है,’ अध्यक्ष भुसाल ने कहा।
उन्होंने बताया कि सूची बनाते समय पद या पदवी को मुख्य आधार नहीं बनाया गया। ‘हमने सूची बनाते समय पद या ज़िम्मेदारी को मानक नहीं बनाया। हमारा मुख्य मापदंड समाज में प्रभावकारी कर्म ही रहा है,’ उन्होंने स्पष्ट किया।
प्रधान अतिथि माननीय कामु प्रधान न्यायाधीशजी, विशिष्ट अतिथिगण, देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से आदरणीय बहनों एवं सभी उपस्थित अतिथियों को नमस्कार। अपने व्यस्त समय के बीच हमें आगे बढ़ाने में योगदान देने के लिए मैं अनलाइनखबर परिवार और व्यक्तिगत रूप से सभी का हार्दिक स्वागत एवं धन्यवाद करता हूँ। आज के कार्यक्रम में मौजूद होकर मैं एक विशेष ऊर्जा महसूस कर रहा हूँ। यह ऊर्जा मात्र औपचारिक नहीं बल्कि सपनों, संघर्ष और बदलते नेपाल का प्रतिबिंब है। आज हम यहां ’५० प्रभावशाली नेपाली महिलाएं’ की सूची जारी कर रहे हैं। सभी महान महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं सम्मान प्रदान करता हूँ।
आदरणीय अतिथिगण, मैं एक छोटी सी स्पष्टीकरण और ईमानदार स्वीकारोक्ति के साथ आगे बढ़ना चाहूंगा। अनलाइनखबर प्रत्येक वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह सूची प्रकाशित करने की परंपरा निभाता रहा है। लेकिन इस वर्ष हमें इतिहास की सबसे बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी पूरी करनी पड़ी। फागुन २१ अर्थात ५ मार्च को हुए आम चुनाव के कारण हमें चुनाव अपडेट देना और लोकतंत्र को सफल बनाने के लिए सम्पूर्ण संपादकीय टीम ने मेहनत की। इसलिए मार्च ८ को सूची जारी न कर पाने के कारण कुछ माह देरी हुई।
पिछले चार महीनों में हमने ४६० से अधिक नामों पर गहन चर्चा की। हिमाल से लेकर तराई और प्रवास तक की महिलाओं की कहानियां सुनते हुए महसूस हुआ कि नेपाल वास्तव में महिलाओं के कंधे पर टिका है। मीडिया की भूमिका केवल राजनीतिक भाषणों को रिकॉर्ड करना या नकारात्मक घटनाओं को हेडलाइन बनाना नहीं है, बल्कि इसकी जिम्मेदारी आम लोगों की मेहनत, संघर्ष और उपलब्धियों को मुख्यधारा में लाना है। ‘अनलाइनखबर ५० प्रभावशाली महिला’ अभियान इसी जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
हमारा समाज लंबे समय तक महिलाओं को ‘पीड़ित’, ‘निम्न’ या ‘सहयोगी’ बनाकर दिखाने का प्रयास करता रहा, लेकिन यहां मौजूद ५० महिलाओं ने इस मिथक को तोड़ दिया है। उन्होंने पारंपरिक सीमाओं, अभावों और नीतिगत कमियों को पार कर अपनी राह बनाई है। सूची बनाते समय हमने पद या भूमिका को मानदंड नहीं माना, बल्कि प्रभावकारी और प्रेरणादायक कर्म को आधार बनाया है।
जाजरकोट से रत्नपाथर की प्रसंस्करण कर विश्व बाजार तक पहुंचाने वाली एक मजदूर से सफल व्यवसायी बनने की कहानी असाधारण है। दस वर्ष की उम्र में विवाह होने की आशंका से मुक्त होकर हजारों को आत्मनिर्भर बनाने वाली महिला, अस्पताल की सफाई करने वाली दलित महिला जो न्याय के लिए साहस से लड़ती हैं—all यह सब एक-एक विश्वविद्यालय के समान हैं। तीन वर्ष की उम्र में दृष्टि खोने के बावजूद ब्रेल लिपि में उप सचिव बनना, नवजात शिशु को कृत्रिम श्वास देने वाली समर्पित महिला, विदेश जाकर अपने भाई की रक्षा करने वाली किशोरी—ये सभी इतिहास में सदियों तक याद रखी जाएंगी।
आप वास्तव में नेपाल के असली ‘इन्फ्लुएंसर’ हैं। आपकी प्रभावशीलता सामाजिक मीडिया के व्यूज़ में नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर में दिखती है। इस वर्ष हम ‘५० प्रभावशाली महिला एलुम्नाई’ नेटवर्क का गठन करने की घोषणा कर रहे हैं। यह नेटवर्क सम्मानित महिलाओं को जोड़ने, सहयोग के रास्ते खोलने और नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक का कार्य करेगा।
अंत में, हमारी सीमितता और क्षमता के चलते केवल ५० को शामिल किया गया है, फिर भी हजारों अन्य प्रभावशाली महिलाएं हैं जिनका समाज में योगदान स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। हम भविष्य में भी आपकी कहानियां प्रसारित करते रहेंगे। चुनाव के बाद के नए युग में आज यहां उपस्थित ऊर्जावान महिलाएं साफ तौर पर दिखाती हैं कि नेपाल का भविष्य सुरक्षित है। आप वे ‘जुनकिरि’ हैं जो अंधकार में प्रकाश फैलाने की क्षमता रखती हैं। हाल ही में हुए जेनजी आंदोलन ने नेपाल को पहली महिला प्रधानमंत्री दी है और संसद में युवा महिला और युवाओं की उपस्थिति बढ़ी है। अब महिलाओं के लिए नीतिगत सुधार और हिंसा झेलने वालों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए पहल जरूरी है।
अनलाइनखबर की ओर से मुझे यह प्रतिबद्धता व्यक्त करनी है—हम आपकी तरह संघर्षशील महिलाओं की आवाज को दबने नहीं देंगे और सदैव आशा, संघर्ष और सफलता के पक्ष में पत्रकारिता करेंगे। इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने वाले निर्णायक मंडल, सहयोगी, व्यावसायिक साझेदार और पाठकों को मैं हार्दिक धन्यवाद देता हूँ। आपकी यात्रा सदैव निरंतर बनी रहे। समानता और सह-अस्तित्व की इस यात्रा में अनलाइनखबर सदैव आपके साथ है। पुनः सभी का हार्दिक स्वागत है और सम्मानित व्यक्तियों को बधाई। धन्यवाद।