
नेकपा एमाले के सांसदों ने सरकार से प्रतिशोध और पूर्वाग्रह से कार्य न करने की सलाह दी है। एमाले सांसद गुरुप्रसाद बराल ने संविधान और विधि के शासन के उल्लंघन का उल्लेख करते हुए नागरिकों के मौलिक अधिकार स्थापित करने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया। २४ चैत को सिंहदरबार, काठमांडू में मंगलवार को हुई प्रतिनिधि सभा की बैठक में सांसदों ने कहा कि सरकार ने प्रारंभिक चरण से ही संविधान और विधि के शासन का उल्लंघन किया है और प्रतिशोध एवं पूर्वाग्रह के आधार पर काम न करने की सलाह दी।
बैठक में सांसद गुरुप्रसाद बराल ने नेपाल के संविधान और विधि के शासन के उल्लंघन की बात करते हुए संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिकों के मौलिक अधिकारों की स्थापना के लिए निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने भदौ २३ और २४ की घटनाओं को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक पर लगे प्रकरणों के खारिज होने की संभावना जताई।
साथ ही, एमाले की अन्य सांसद यशुदाकुमारी बराल ने २००७ साल से लेकर जनआन्दोलन तक की सभी घटनाक्रमों के फाइलें खोलने का आग्रह किया। उन्होंने ओली और लेखक के प्रति राजनीतिक प्रतिशोध के कार्य न करने के लिए चेतावनी दी। साथ ही, वर्तमान सरकार द्वारा विधि के शासन का उल्लंघन किए जाने पर अत्यधिक नुकसान होने की भी बात कही।





